Top
Begin typing your search above and press return to search.

राज्यसभा चुनाव में एनडीए की बढ़ी ताकत, 24 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित; जानिए अब क्या है नंबर गेम

राज्यसभा चुनाव में 24 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। एनडीए के 19 और कांग्रेस के 5 उम्मीदवारों की जीत के बाद उच्च सदन में नया राजनीतिक समीकरण बनता दिख रहा है।

राज्यसभा चुनाव में एनडीए की बढ़ी ताकत, 24 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित; जानिए अब क्या है नंबर गेम
X
नई दिल्लीराज्यसभा चुनाव के ताजा नतीजों ने संसद के उच्च सदन में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की स्थिति को और मजबूत कर दिया है। गुरुवार को 27 में से 24 सीटों पर उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। इनमें एनडीए के 19 उम्मीदवार शामिल हैं, जबकि कांग्रेस के खाते में 5 सीटें गई हैं। इसके साथ ही राज्यसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन का संख्याबल और प्रभाव बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

निर्विरोध चुने गए प्रमुख नेताओं में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, भाजपा के सतीश पूनिया और तरुण चुघ सहित कई बड़े नाम शामिल हैं। संबंधित राज्यों के निर्वाचन अधिकारियों ने सभी विजयी उम्मीदवारों को जीत का प्रमाण-पत्र सौंप दिया।

तीन सीटों पर अब भी मुकाबला बाकी

राज्यसभा की शेष तीन सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा। इनमें झारखंड की दो और मिजोरम की एक सीट शामिल है। झारखंड में मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है, क्योंकि यहां दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं।

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने बैद्यनाथ राम, कांग्रेस ने प्रणव झा और निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को मैदान में उतारा है। नाथवानी को भाजपा का समर्थन प्राप्त है। राज्य विधानसभा में INDIA गठबंधन के पास बहुमत है, लेकिन क्रॉस वोटिंग की संभावना को देखते हुए मुकाबला रोमांचक माना जा रहा है।

मध्य प्रदेश और गुजरात में भाजपा का दबदबा

मध्य प्रदेश में भाजपा के तीनों उम्मीदवार—तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट—निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। वहीं गुजरात में भी भाजपा ने चारों सीटों पर जीत दर्ज की। पार्टी के राजूभाई शुक्ला, मानसिंह परमार, मुकेशभाई राठवा और जितेंद्र कंजारिया राज्यसभा पहुंचने में सफल रहे।

इन परिणामों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि भाजपा कई राज्यों में अपनी संगठनात्मक और राजनीतिक ताकत बनाए रखने में सफल रही है।

कर्नाटक में कांग्रेस को मिली बड़ी सफलता

कर्नाटक से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पवन खेड़ा और मंसूर अली खान निर्विरोध निर्वाचित हुए। भाजपा के एम नागराज भी राज्यसभा पहुंचे हैं। यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि खरगे का वर्तमान कार्यकाल इसी महीने समाप्त हो रहा था।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार होने का लाभ पार्टी को राज्यसभा चुनाव में भी मिला है।

आंध्र, राजस्थान और पूर्वोत्तर में भी NDA को फायदा

आंध्र प्रदेश में एनडीए समर्थित चारों उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। इनमें तीन उम्मीदवार तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और एक जनसेना पार्टी से हैं। राजस्थान में भाजपा के सतीश पूनिया और अलका गुर्जर के साथ कांग्रेस के नीरज डांगी निर्विरोध निर्वाचित हुए।

मेघालय से नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के जेम्स के संगमा, मणिपुर से भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष शारदा देवी और अरुणाचल प्रदेश से भाजपा नेता ताई तागाक भी बिना मुकाबले राज्यसभा पहुंचे हैं।

राज्यसभा में बदलता समीकरण

इन चुनाव परिणामों के बाद राज्यसभा में एनडीए की स्थिति और मजबूत होती दिखाई दे रही है। हालांकि अंतिम तस्वीर झारखंड और मिजोरम के चुनाव परिणाम आने के बाद साफ होगी। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च सदन में बढ़ती ताकत सरकार को कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में मदद कर सकती है।

वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के कार्यकाल की समाप्ति के साथ संसद में उनकी पांच दशक से अधिक लंबी संसदीय पारी का भी अंत हो जाएगा, जो इस चुनाव की एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना मानी जा रही है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it