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राहुल-प्रियंका पर एफआईआर के बाद कांग्रेस का हमला, बोली- ‘मोदी-शाह की जोड़ी घबराई और हताश’

आकाशवाणी भवन में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश के मामले में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत अन्य के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। कांग्रेस ने मोदी-शाह पर निशाना साधा और SIR को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए।

राहुल-प्रियंका पर एफआईआर के बाद कांग्रेस का हमला, बोली- ‘मोदी-शाह की जोड़ी घबराई और हताश’
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नई दिल्ली। दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन के बाद सियासी विवाद और तेज हो गया है। आकाशवाणी भवन परिसर में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, 6 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन के दौरान कई विपक्षी नेता और सांसद आकाशवाणी भवन परिसर में दाखिल हुए थे। इसके बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विपक्ष के आंदोलन से घबराए हुए हैं। पार्टी ने सोशल मीडिया पोस्ट में एफआईआर और एसआईआर से जुड़े घटनाक्रम को लेकर सरकार तथा चुनाव आयोग पर कई सवाल उठाए हैं।

आकाशवाणी भवन में क्या हुआ था?

6 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर संसद से निर्वाचन सदन तक मार्च निकालने की कोशिश की थी। पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेता आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को परिसर से हटाने की कार्रवाई रात में की गई। रिपोर्टों के मुताबिक, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया और बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। अब इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद विवाद ने कानूनी रूप भी ले लिया है।

कांग्रेस ने एसआईआर को लेकर क्या आरोप लगाए?

एफआईआर के बाद कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर की अपीलों की सुनवाई के लिए बनाए गए ट्रिब्यूनल और चुनाव आयोग के डिजिटल पोर्टल का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि कई ट्रिब्यूनल जजों ने पोर्टल की कार्यप्रणाली को लेकर समस्याएं बताई हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रिब्यूनल के जजों ने शिकायत की कि पोर्टल के जरिए पक्षकारों को सीधे नोटिस भेजने, अतिरिक्त दस्तावेज अपलोड करने और वर्चुअल सुनवाई जैसी सुविधाओं में दिक्कतें हैं। कुछ मामलों में अपीलकर्ता ट्रिब्यूनल के आदेश या उसकी प्रमाणित प्रति भी डाउनलोड नहीं कर पा रहे हैं।

कांग्रेस ने इन तकनीकी समस्याओं को एसआईआर प्रक्रिया की पारदर्शिता से जोड़ते हुए चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन आरोपों को कांग्रेस के राजनीतिक दावे के रूप में देखा जाना चाहिए।

19 ट्रिब्यूनल जजों ने पोर्टल पर जताई थी चिंता

पश्चिम बंगाल में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एसआईआर से जुड़ी अपीलों के लिए गठित ट्रिब्यूनलों के जजों ने 11 अगस्त की बैठक में डिजिटल पोर्टल से जुड़ी कई समस्याएं दर्ज की थीं। रिपोर्ट के अनुसार, इन समस्याओं की जानकारी चुनाव आयोग और कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भी दी गई थी।

जजों ने यह भी बताया था कि पोर्टल के जरिए हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने जैसी कार्रवाई में भी तकनीकी सीमाएं हैं। इस बीच, चुनाव आयोग की ओर से इन प्रक्रियाओं को लेकर अलग-अलग स्तर पर तकनीकी समाधान और व्यवस्थाओं पर काम किए जाने की जानकारी सामने आई है।

एफआईआर के बाद और तेज हो सकती है सियासी लड़ाई

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ एफआईआर ऐसे समय दर्ज हुई है जब एसआईआर को लेकर विपक्ष लगातार चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग और सरकार विपक्ष के आरोपों से अलग अपना पक्ष रखते रहे हैं।

अब एफआईआर, एसआईआर और चुनाव आयोग को लेकर आमने-सामने आए कांग्रेस और सरकार के बीच राजनीतिक टकराव आगे किस दिशा में जाता है, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल एफआईआर की जांच और विपक्ष की अगली रणनीति दोनों महत्वपूर्ण हैं।


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