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राहुल की बहन और अखिलेश की पत्नी सांसद बन सकती हैं लेकिन देश की बहन-बेटी नहीं: सम्राट चौधरी

समाजवादी पार्टी में अखिलेश यादव की पत्नी चुनाव जीत सकती हैं लेकिन वहां से 40 सांसद हमारी बहनें बन जाए ऐसा होने से इन लोगों ने रोक रखा है। अगर 16 तारीख को विधेयक पारित होता तो यह ऐतिहासिक दिन होता। तीन बिल आने थे इन लोगों ने तीनों का विरोध किया।

राहुल की बहन और अखिलेश की पत्नी सांसद बन सकती हैं लेकिन देश की बहन-बेटी नहीं: सम्राट चौधरी
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पटना। लोकसभा में महिला आरक्षण का संविधान संशोधन विधेयक गिरने के बाद इसपर सियासत जारी है। पक्ष और विपक्ष इस विधेयक को लेकर अपनी-अपनी दलीलें दे रहे हैं। इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को घेरा है। सम्राट चौधरी ने कहा कि नारी शक्ति से जुड़े विधेयक का अपमान हुआ, धोखा हुआ। लोकतंत्र के इतिहास में यह पहली घटना थी जब कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी जैसे लोग खुशी मना रहे हैं।

दुनिया ने देखा है कि लालू प्रसाद पहले भी बिल को फड़वाने का काम करते था। इस बार तो खुल्लम-खुल्ला ऐसा हुआ। लोकतंत्र में अपनी घर की बेटी तो सांसद बन जाए लेकिन दूसरे की बेटी या परिवार का सदस्य नहीं बने। राहुल गांधी की बहन सांसद बन सकती हैं लेकिन यूपी से एक तिहाई सीट पर बहनें चुनाव जीत कर जाए यह कांग्रेस नहीं मान सकती है। समाजवादी पार्टी में अखिलेश यादव की पत्नी चुनाव जीत सकती हैं लेकिन वहां से 40 सांसद हमारी बहनें बन जाए ऐसा होने से इन लोगों ने रोक रखा है।

अगर 16 तारीख को विधेयक पारित होता तो यह ऐतिहासिक दिन होता। तीन बिल आने थे इन लोगों ने तीनों का विरोध किया। यदि यह बिल पारित हो जाता तो बिहार जैसे राज्य में 122 विधायक महिलाएं होंती। अभी सिर्फ 29 महिला विधायक हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि देश की महिलाओं के साथ विपक्ष ने धोखा किया है। भाजपा इसको लेकर देश में अभियान चलाएगी और विपक्ष के नेताओं से इसका जवाब भी मांगेगी।

मुख्यमंत्री रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस और राजद ने कभी किसी वर्ग को कोई आरक्षण नहीं दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बहन सांसद बनेंगी, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी सांसद बनेंगी, पर वे लोग नहीं चाहते हैं की देश की गरीब महिलाएं सांसद और विधायक बनें। यही कारण है कि 17 अप्रैल को विपक्ष ने संसद में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को पारित नहीं होने दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में अभी 29 महिला विधायक और चार सांसद महिलाएं हैं। अगर, संसद में संविधान संशोधन विधेयक पारित होता तो बिहार में महिला विधायकों की संख्या कम-से-कम 122 और सांसदों की की संख्या 20 होती । इस मौके पर भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दर्शना सिंह, पूर्व मंत्री लेशी सिंह, विधायक ज्योति देवी आदि मौजूद थीं।

सम्राट चौधरी ने आरोप लगाया कि जब भी देश में महिलाओं और पिछड़ों के आरक्षण की बात आई है, कांग्रेस और आरजेडी ने हमेशा उसमें रोड़े अटकाने का काम किया है। आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस और राजद ने कभी साथ नहीं दिया जबकि बीजेपी हमेशा समर्थन में खड़ी रही।


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