रामलीला मैदान से गरजे राहुल गांधी: सीईसी ज्ञानेश कुमार पद से हटेंगे, मोदी-शाह पर भी होगी कानूनी कार्रवाई
रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली के दौरान राहुल गांधी ने पीएम मोदी, अमित शाह और CEC ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। EVM और वोट चोरी के आरोपों के साथ जानिए राहुल गांधी के बड़े दावों की पूरी रिपोर्ट।

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की विशाल रैली को संबोधित करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP), प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर बेहद तीखे हमले बोले। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को सख्त चेतावनी दी।
EVM और वोट चोरी का लगाया गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि देश में पिछले कई वर्षों से लगातार वोट चोरी हो रही है। उन्होंने मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक के विधानसभा चुनावों के साथ-साथ 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि इन सभी में जनमत को प्रभावित किया गया। कांग्रेस नेता का दावा है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) में हेरफेर करने के साथ-साथ मतदाता सूची से वैध वोटरों के नाम हटाकर और फर्जी नाम जोड़कर चुनावी नतीजों को बदला गया है।
ज्ञानेश कुमार, पीएम मोदी और अमित शाह पर निशाना
मुख्य चुनाव आयुक्त पर बड़ा हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को CEC पद से हटाया जाएगा और उन्हें अपने कृत्यों के लिए कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। राहुल गांधी ने कहा, "ज्ञानेश कुमार के बिना न तो नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन पाते और न ही अमित शाह गृह मंत्री।" उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ज्ञानेश कुमार के हटने के बाद वे सीधे पीएम मोदी और अमित शाह के सामने खड़े होंगे और देश के संविधान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
'नफरत नहीं, मोहब्बत से बचाएंगे संविधान'
अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई वैचारिक और संवैधानिक है, व्यक्तिगत नहीं। उन्होंने कहा, "हमें नरेंद्र मोदी, अमित शाह या ज्ञानेश कुमार से कोई व्यक्तिगत नफरत नहीं है। हम नफरत नहीं, बल्कि मोहब्बत की दुकान खोलने वाले लोग हैं।" उन्होंने दोहराया कि देश की संपत्ति दो-तीन बड़े उद्योगपतियों के हाथों में सिमट गई है, जबकि युवा रोजगार और किसान अपने अधिकारों से वंचित हैं। वे बिना किसी हिंसा के केवल मोहब्बत और कानून के रास्ते पर चलकर भारत के संविधान की रक्षा करेंगे।


