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सीबीएसई परीक्षा प्रणाली पर उठे सवाल, राहुल गांधी ने छात्र सार्थक और निसर्ग की सराहना की

सीबीएसई की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को लेकर उठे विवाद के बीच राहुल गांधी ने छात्र सार्थक सिद्धांत और निसर्ग की सराहना की। परीक्षा प्रक्रिया, साइबर सुरक्षा और पारदर्शिता पर नए सवाल खड़े हुए हैं।

सीबीएसई परीक्षा प्रणाली पर उठे सवाल, राहुल गांधी ने छात्र सार्थक और निसर्ग की सराहना की
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नई दिल्ली। सीबीएसई बोर्ड परीक्षा की मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर नया विवाद सामने आया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 18 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत और उनके मित्र निसर्ग की खुलकर प्रशंसा करते हुए दावा किया कि दोनों छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में मौजूद कथित खामियों को उजागर कर एक महत्वपूर्ण मुद्दा देश के सामने रखा है। इस मामले को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।

बताया जा रहा है कि सार्थक सिद्धांत ने सीबीएसई की कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन यानी ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में कथित अनियमितताओं और तकनीकी कमियों की ओर ध्यान आकर्षित किया। उनके द्वारा सामने लाए गए तथ्यों के बाद परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इस मामले में परीक्षा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

सोशल मीडिया पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए सार्थक और निसर्ग की सराहना की। उन्होंने कहा कि कम उम्र में दोनों छात्रों ने जिस साहस और जागरूकता का परिचय दिया है, वह प्रेरणादायक है। राहुल के अनुसार, इन छात्रों ने ऐसे मुद्दों को उजागर किया जिन पर व्यापक स्तर पर चर्चा होनी चाहिए।

कांग्रेस नेता ने कहा कि देश के युवा केवल दर्शक नहीं हैं, बल्कि वे व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न भी पूछ रहे हैं। उन्होंने युवाओं की जागरूकता को लोकतंत्र की मजबूती का संकेत बताया।

शिक्षा मंत्री पर कांग्रेस का निशाना

इस पूरे विवाद के बीच कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि यदि परीक्षा प्रणाली में गंभीर खामियां सामने आई हैं तो सरकार को इसकी जवाबदेही तय करनी चाहिए। विपक्ष ने मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।

CBSE ने साइबर हमले का किया दावा

विवाद के बीच सीबीएसई ने जानकारी दी है कि उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन और संबंधित प्रक्रियाओं से जुड़े पोर्टल पर साइबर हमले का प्रयास किया गया था। बोर्ड का कहना है कि सुरक्षा तंत्र ने समय रहते इस हमले को विफल कर दिया और किसी प्रकार का नुकसान नहीं होने दिया गया।

हालांकि, इस घटना के बाद परीक्षा प्रणाली की डिजिटल सुरक्षा को लेकर बहस और तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि देश की प्रमुख शैक्षणिक संस्थाओं को साइबर सुरक्षा के मानकों को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

फिलहाल, छात्रों के खुलासे, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और सीबीएसई के साइबर हमले संबंधी दावों ने इस पूरे मामले को राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया है।


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