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पूर्व डीजीपी आर. श्रीलेखा के इस्तीफे से केरल में सियासी हलचल, तिरुवनंतपुरम निगम में भाजपा की संख्या घटी

केरल की पूर्व DGP आर. श्रीलेखा ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम के पार्षद पद से इस्तीफा दे दिया है। मेयर पद को लेकर नाराजगी की खबरों के बीच BJP ने उन्हें मनाने की कोशिश शुरू की है।

पूर्व डीजीपी आर. श्रीलेखा के इस्तीफे से केरल में सियासी हलचल, तिरुवनंतपुरम निगम में भाजपा की संख्या घटी
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तिरुवनंतपुरम। केरल की पहली महिला आईपीएस अधिकारी और पूर्व डीजीपी आर. श्रीलेखा के तिरुवनंतपुरम नगर निगम के पार्षद पद से इस्तीफे के बाद भाजपा के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। शास्तमंगलम वार्ड से भाजपा पार्षद श्रीलेखा ने 30 सितंबर को अपना इस्तीफा मेयर वीवी राजेश को सौंपा। उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है। हालांकि, उनके इस्तीफे को मेयर पद से जुड़ी पुरानी नाराजगी से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

मेयर पद नहीं मिलने से शुरू हुआ था मतभेद

दिसंबर 2025 के निकाय चुनाव में भाजपा ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में पहली बार सत्ता हासिल की थी। 101 सदस्यीय निगम में भाजपा ने 50 सीटें जीती थीं और एक निर्दलीय पार्षद के समर्थन से एनडीए ने निगम की सत्ता संभाली। इसके बाद मेयर पद के लिए आर. श्रीलेखा के नाम की भी चर्चा थी, लेकिन पार्टी ने वीवी राजेश को मेयर चुना।

जनवरी 2026 में श्रीलेखा ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि उन्हें चुनाव से पहले मेयर बनाए जाने का भरोसा दिया गया था। उन्होंने यह भी कहा था कि शुरुआत में वह चुनाव लड़ने को लेकर हिचकिचा रही थीं, लेकिन कथित आश्वासन के बाद मैदान में उतरीं। हालांकि उस समय उन्होंने पार्षद के रूप में पांच साल तक काम जारी रखने की बात कही थी।

इस्तीफे के बाद भाजपा की संख्या पर असर

श्रीलेखा के इस्तीफे से निगम में भाजपा के निर्वाचित पार्षदों की संख्या 49 रह गई है। एक निर्दलीय के समर्थन को जोड़ने पर सत्तारूढ़ पक्ष की प्रभावी संख्या 50 तक पहुंचती है। ऐसे में 101 सदस्यीय परिषद में भाजपा के लिए बहुमत का गणित पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है। हालांकि, इस्तीफे की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने को लेकर रिपोर्टों में अंतर है और श्रीलेखा को इस्तीफा निगम सचिव के समक्ष भी देना है।

भाजपा नेतृत्व ने शुरू की मनाने की कोशिश

श्रीलेखा के इस्तीफे के बाद भाजपा नेतृत्व सक्रिय हो गया है। पार्टी की ओर से उन्हें इस्तीफा वापस लेने के लिए मनाने की कोशिशें शुरू की गई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने भी उनसे बातचीत की है और आगे बैठक की संभावना है। पार्टी नेतृत्व इस मामले को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश कर रहा है।

कौन हैं आर. श्रीलेखा?

1987 बैच की आईपीएस अधिकारी आर. श्रीलेखा केरल की पहली महिला आईपीएस अधिकारी रही हैं। वह राज्य की पहली महिला डीजीपी भी बनीं। वर्ष 2020 में डीजीपी पद से सेवानिवृत्त होने के बाद वह 2024 में भाजपा में शामिल हुईं। 2025 के निकाय चुनाव में उन्होंने शास्तमंगलम वार्ड से जीत दर्ज की थी। बाद में उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनाव में वट्टीयूरकावु सीट से भी चुनाव लड़ा, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सकीं।


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