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पंजाब में रेल रोको आंदोलन, छह जिलों में ट्रैक पर बैठे किसान; मोगा में पुलिस से धक्का-मुक्की

पंजाब में किसान मजदूर मोर्चा ने रेल रोको आंदोलन शुरू किया। छह जिलों में किसान रेलवे ट्रैक पर बैठे, जबकि मोगा में पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई।

पंजाब में रेल रोको आंदोलन, छह जिलों में ट्रैक पर बैठे किसान; मोगा में पुलिस से धक्का-मुक्की
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चंडीगढ़। पंजाब में किसानों का आंदोलन एक बार फिर रेलवे ट्रैक तक पहुंच गया है। किसान मजदूर मोर्चा (KKM) चैप्टर पंजाब से जुड़ी आठ किसान जत्थेबंदियों ने गुरुवार को अलग-अलग स्थानों पर रेल रोको आंदोलन शुरू किया। किसान नेताओं का कहना है कि लंबे समय से मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन के सामने आवाज उठाई जा रही थी, लेकिन बातचीत नहीं होने के कारण उन्हें रेलवे ट्रैक पर उतरने का फैसला लेना पड़ा।

मोगा में बैरिकेडिंग पार कर ट्रैक पर पहुंचे किसान

मोगा के गांव महेश्वरी संधूया में किसानों ने रेलवे ट्रैक पर धरना दिया। किसानों को ट्रैक तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस की ओर से बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती की गई थी। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसान बैरिकेड पार कर रेलवे ट्रैक तक पहुंच गए।

इस दौरान रेलवे स्टेशन के बाहर किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। इसके बाद किसान ट्रैक पर बैठ गए और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।

किसान नेता बलदेव सिंह जीरा ने कहा कि किसान पहले डीसी कार्यालयों और पंजाब सरकार के मंत्रियों के आवास के बाहर धरना दे चुके हैं। उनके मुताबिक, इसके बावजूद सरकार की ओर से मांगों पर बातचीत नहीं की गई, जिसके बाद रेल रोको आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

छह जगहों पर रेलवे ट्रैक जाम

किसान नेताओं के अनुसार अमृतसर, गुरदासपुर, फिरोजपुर, मोगा, संगरूर और सुनाम समेत छह स्थानों पर रेल यातायात रोका गया है। इसके साथ ही पंजाब सरकार के मंत्रियों के घरों के बाहर चल रहे धरने भी जारी रखने की बात कही गई है।

KKM नेता सरवण सिंह पंधेर ने बताया कि करीब एक महीने पहले मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर किसानों की मांगों से अवगत कराया गया था। 31 अगस्त को डिप्टी कमिश्नर कार्यालयों के बाहर भी प्रदर्शन किए गए थे। उनका आरोप है कि सरकार ने अभी तक किसानों से बातचीत नहीं की है।

क्या हैं किसानों की प्रमुख मांगें?

मोर्चे की मांगों में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, बिजली संशोधन अधिनियम और बीज संशोधन अधिनियम को लेकर स्पष्टीकरण शामिल है। किसान शंभू-खनौरी मोर्चे के दौरान हुए नुकसान के मुआवजे की भी मांग कर रहे हैं।

किसान नेताओं के अनुसार उस दौरान करीब 3.77 करोड़ रुपये के नुकसान का दावा किया गया है और सैकड़ों किसान घायल हुए। इसके अलावा मूंग, मक्का और आलू समेत पांच फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी भी प्रमुख मांगों में शामिल है।

सुनाम में जाखल-लुधियाना ट्रैक पर धरना

सुनाम में भारतीय किसान यूनियन एकता आजाद ने मंत्री के आवास के बाहर तीन दिन के धरने के बाद आंदोलन तेज किया। आंदोलन के चौथे दिन किसानों ने जाखल-लुधियाना रेलवे ट्रैक पर दोपहर करीब 12 बजे धरना शुरू किया।

यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष जसविंदर सिंह लोंगोवाल ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद सरकार की ओर से उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। किसानों ने कहा है कि मांगों पर समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच रेलवे प्रशासन और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।


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