पीएम मोदी ने दी भारत-सेशेल्स साझेदारी को नई दिशा, 19 अहम बिंदुओं पर बनी सहमति
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तीन दिवसीय सेशेल्स दौरा सम्पन्न हो गया है और वह स्वदेश के लिए रवाना हो चुके हैं। पीएम मोदी के इस दौरे पर भारत और सेशेल्स के बीच 19 मुद्दे फोकस में रहे। इनमें सेशेल्स में यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू करने, जन औषधि योजना पर सहयोग, जलवायु परिवर्तन से निपटने, ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा, ब्लू इकोनॉमी तथा अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।

विक्टोरिया। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तीन दिवसीय सेशेल्स दौरा सम्पन्न हो गया है और वह स्वदेश के लिए रवाना हो चुके हैं। पीएम मोदी के इस दौरे पर भारत और सेशेल्स के बीच 19 मुद्दे फोकस में रहे। इनमें सेशेल्स में यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू करने, जन औषधि योजना पर सहयोग, जलवायु परिवर्तन से निपटने, ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा, ब्लू इकोनॉमी तथा अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "सेशेल्स यात्रा के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। कई महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। इनमें सेशेल्स में यूपीआई लागू करने और जन औषधि से जुड़े समझौते शामिल हैं। हम क्लाइमेट एक्शन, ग्रीन हाइड्रोजन, एनर्जी, ब्लू इकोनॉमी और भविष्य के अन्य क्षेत्रों में मिलकर काम करते रहेंगे।"
भारत और सेशेल्स के बीच 19 प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं-
सेशेल्स सरकार को एक फास्ट पेट्रोल वेसल गिफ्ट किया गया, जो समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करता है और हिंद महासागर क्षेत्र में एक नेट सुरक्षा प्रोवाइडर के रूप में भारत की भूमिका को बढ़ाता है। इससे भारतीय रक्षा निर्माण क्षमताओं को भी बढ़ावा मिलता है।
सेशेल्स डिफेंस फोर्स को 10 यूटिलिटी वाहन और लेजर रेडियल क्लास बोट्स के 5 सेट सौंपे गए। द्विपक्षीय सुरक्षा और रक्षा सहयोग को मजबूत करने के साथ हिंद महासागर क्षेत्र में एक भरोसेमंद और विश्वसनीय पार्टनर के रूप में भारत की भूमिका को बढ़ाता है।
सेशेल्स सरकार को 6 एम्बुलेंस सौंपे गए। यह एक भरोसेमंद मानवीय साझेदार के तौर पर भारत के कमिटमेंट को मजबूत करता है। इससे पब्लिक वेलफेयर के जरिए लोगों के बीच संबंधों को भी मजबूती मिलती है।
भारत ने सेशेल्स को 500 मीट्रिक टन चावल उपलब्ध कराया। इससे खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों का सहयोग मजबूत होगा और ग्लोबल साउथ के प्रति भारत की प्रतिबद्धता भी प्रदर्शित होती है।
सेशेल्स सरकार को 8,500 मीट्रिक टन सीमेंट सौंपा गया। यह साझेदार देशों की विकास संबंधी जरूरतों को समय पर पूरा करने की भारत की प्रतिबद्धता और उसके विकास साझेदारी मॉडल को दर्शाता है।
प्रोफेशनल और टेक्निकल एजुकेशन सेंटर के लिए वर्चुअल ग्राउंड-ब्रेकिंग सेरेमनी, एक पसंदीदा विकास पार्टनर के तौर पर भारत की भूमिका को फिर से सुनिश्चित करती है। यह लंबे समय के इंस्टीट्यूशनल लिंकेज बनाता है और स्थानीय लोगों के बीच अच्छी भावना पैदा करता है।
सेशेल्स कोस्ट गार्ड के लिए पीएस जोरोस्टर की मरम्मत का काम पूरा हुआ, जो रक्षा सहयोग को गहरा करने के साथ हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को बढ़ाएगा। इसके अलावा, यह आईओआर में नेट सुरक्षा प्रोवाइडर के तौर पर भारत की भूमिका को दोहराएगा।
ग्लास कॉकपिट वाले डोर्नियर एयरक्राफ्ट का अपग्रेडेशन किया जा रहा है, जो रक्षा और सुरक्षा सहयोग को बढ़ाता है और साझेदार देशों के डिफेंस एसेट्स के आधुनिकीकरण में भारत की भूमिका को मजबूत करता है।
सेशेल्स ने कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (सीडीआरआई) की सदस्यता ग्रहण की। इससे आपदा प्रबंधन, जलवायु अनुकूल बुनियादी ढांचे और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस (एसएसआईएफएस) और सेशेल्स रिपब्लिक के विदेश मंत्रालय और डायस्पोरा (एमओएफएडी) के बीच एमओयू एक्सचेंज हुआ। यह क्षमता निर्माण के लिए सहयोगी के तौर पर भारत की भूमिका को बढ़ाता है और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध मजबूत करता है।
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई), इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड, और सेंट्रल बैंक ऑफ सेशेल्स के बीच एमओयू एक्सचेंज हुए। यह सेशेल्स में यूपीआई-आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली को आगे बढ़ाता है, जिससे विश्व पटल पर भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की मौजूदगी हाइलाइट होगी और दोनों देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग गहरा होगा। यह लोगों के बीच बेहतर संबंध को भी बढ़ावा देगा।


