Top
Begin typing your search above and press return to search.

आतंकवाद पर दोहरी नीति नहीं चलेगी, एससीओ में पीएम मोदी का पाकिस्तान को कड़ा संदेश; पुतिन-जिनपिंग से भी मुलाकात

एससीओ समिट में पीएम मोदी ने आतंकवाद पर दोहरी नीति के खिलाफ कड़ा संदेश दिया। पुतिन और शी जिनपिंग से मुलाकात के दौरान अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

आतंकवाद पर दोहरी नीति नहीं चलेगी, एससीओ में पीएम मोदी का पाकिस्तान को कड़ा संदेश; पुतिन-जिनपिंग से भी मुलाकात
X
बिश्केक। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि इस गंभीर चुनौती पर किसी भी तरह के दोहरे मापदंड की जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बिना पाकिस्तान का नाम लिए उन देशों को कड़ा संदेश दिया जो आतंकवाद को अपनी नीतियों के साधन के तौर पर इस्तेमाल करते हैं या आतंकियों को समर्थन और सुरक्षित पनाह देते हैं।

आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करने पर जोर

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई केवल किसी हमले के बाद कार्रवाई या प्रतिक्रिया तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए उसके पूरे नेटवर्क पर प्रहार करना जरूरी है।

उन्होंने आतंकवाद के वित्तपोषण, आतंकियों की भर्ती, कट्टरपंथ और सुरक्षित पनाहगाह जैसे पहलुओं पर एक साथ कार्रवाई करने की जरूरत बताई। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद को किसी भी देश के लिए रणनीतिक हथियार बनने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

एससीओ में भारत की तीन बड़ी प्राथमिकताएं

बिश्केक में आयोजित सम्मेलन में भारत ने आतंकवाद के अलावा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और ऊर्जा सुरक्षा को भी प्रमुख मुद्दा बनाया है। भारत का जोर यूरेशिया की प्रमुख शक्तियों के साथ सहयोग बढ़ाने के साथ अपनी रणनीतिक स्वायत्तता और राष्ट्रीय हितों को मजबूत करने पर है।

इस साल एससीओ की थीम ‘एससीओ के 25 साल: टिकाऊ शांति, विकास और समृद्धि की ओर साथ मिलकर’ रखी गई है। संगठन की स्थापना 2001 में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने की थी। भारत और पाकिस्तान 2017 में इसके पूर्ण सदस्य बने, जबकि ईरान और बेलारूस बाद में संगठन में शामिल हुए।

पुतिन से मुलाकात में युद्ध और शांति पर चर्चा

एससीओ सम्मेलन से इतर पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों के साथ वैश्विक संघर्षों, व्यापार, निवेश, ऊर्जा और उर्वरक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा की।

पीएम मोदी ने रूस-यूक्रेन संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे ले जाता है। उन्होंने शांति की दिशा में प्रयास तेज करने और कूटनीति को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

जिनपिंग से हाथ मिलाया, शहबाज की तरफ देखे भी नहीं

एससीओ सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भी मुलाकात हुई। प्रतिनिधियों के ग्रुप फोटो के दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया। इस दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी मौजूद थे, लेकिन पीएम मोदी ने उनकी तरफ देखा तक नहीं।

गलवान घाटी की 2020 की हिंसक झड़प के बाद भारत-चीन संबंधों में तनाव रहा है। ऐसे में मोदी-जिनपिंग की मुलाकात को दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it