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मानसून सत्र से पहले पीएम मोदी का संदेश, बोले- प्रोडेक्टिव बने संसद; भारत के युवाओं ने अंतरिक्ष में रचा नया इतिहास

संसद के मानसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोडेक्टिव चर्चा की अपील की। पीएम ने स्काईरूट स्टार्टअप की सफलता का जिक्र करते हुए भारत के युवाओं की अंतरिक्ष उपलब्धियों की सराहना की।

मानसून सत्र से पहले पीएम मोदी का संदेश, बोले- प्रोडेक्टिव बने संसद; भारत के युवाओं ने अंतरिक्ष में रचा नया इतिहास
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नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों और सांसदों को संबोधित करते हुए सकारात्मक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जैसे सक्रिय और प्रभावी मानसून देश के लिए लाभदायक होता है, उसी तरह संसद का मानसून सत्र भी यदि रचनात्मक और उत्पादक होगा तो उसका सीधा लाभ देश और जनता को मिलेगा। प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप चर्चा और सहयोग की भावना से सदन चलाने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश प्रार्थना करता है कि मानसून भी भरपूर रहे और संसद का सत्र भी जनहित में सार्थक परिणाम देने वाला साबित हो। उन्होंने इसे लोकतंत्र को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।

युवाओं ने अंतरिक्ष में खोला भारत के लिए नया अध्याय

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की उपलब्धियों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा है। हाल ही में भारतीय निजी स्पेस स्टार्टअप स्काईरूट (Skyroot) की उपलब्धि का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इस स्टार्टअप की टीम की औसत आयु केवल 28 वर्ष है।

उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र के युवाओं ने जो उपलब्धि हासिल की है, वह पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री ने हल्के अंदाज में कहा कि वह "56 साल के युवा" की बात नहीं कर रहे, बल्कि उन युवा वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की बात कर रहे हैं जिन्होंने अपने नवाचार और प्रतिभा से भारत का नाम दुनिया में रोशन किया है।

एक महीने में भारत ने हासिल की कई बड़ी उपलब्धियां

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक महीने में देश ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इन सफलताओं ने प्रत्येक भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा किया है। उन्होंने कहा कि भारत लगातार विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अर्थव्यवस्था और वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

उन्होंने याद दिलाया कि पिछले वर्ष मानसून सत्र से ठीक पहले एक भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक पहुंचा था और अब निजी क्षेत्र की उपलब्धि ने भारत को अंतरिक्ष तकनीक के नए युग में प्रवेश करा दिया है।

दुनिया में बढ़ रही भारत की साख

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है। यह किसी संयोग का परिणाम नहीं, बल्कि देश के युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और मेहनत का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व में नई संभावनाओं का प्रतीक बनकर उभर रहा है और युवा शक्ति इसकी सबसे बड़ी ताकत है।

उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं की आकांक्षाएं और क्षमता अंतरिक्ष की तरह असीमित हैं। सरकार का उद्देश्य उन्हें नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है ताकि देश आने वाले वर्षों में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सके।

मानसून सत्र पर रहेंगी सबकी निगाहें

20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है। वहीं विपक्ष भी विभिन्न जनहित और राजनीतिक मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है। ऐसे में प्रधानमंत्री के सहयोग और सकारात्मक संवाद के संदेश के बीच अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि संसद का यह सत्र कितना उत्पादक और सार्थक साबित होता है।


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