भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन दुनिया के औसत से आधे से भी कम, पीएम मोदी ने गिनाईं पर्यावरण की उपलब्धियां
पीएम मोदी ने जलवायु सम्मेलन में भारत के प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन और नवीकरणीय ऊर्जा की प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने सोलर क्षमता और वैश्विक क्लाइमेट एलायंस की जानकारी दी।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भारत की ओर से उठाए गए कदमों को दुनिया के सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ रहा है। पीएम मोदी के मुताबिक, भारत प्राचीन पर्यावरणीय विचारों को आधुनिक तकनीक और नीतियों से जोड़कर जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना कर रहा है।
भारत का प्रति व्यक्ति उत्सर्जन कितना है?
पीएम मोदी ने कहा कि भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन वैश्विक औसत के आधे से भी कम है। उन्होंने दावा किया कि विकसित देशों में प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन भारत की तुलना में करीब छह गुना ज्यादा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस तथ्य को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से रखता है और जलवायु न्याय की चर्चा को आगे बढ़ा रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत ने पेरिस समझौते के तहत निर्धारित कई लक्ष्यों को तय समय से पहले हासिल किया है। भारत की गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता और नवीकरणीय ऊर्जा में बढ़ोतरी को उन्होंने देश की जलवायु प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
12 साल में सोलर क्षमता में बड़ी बढ़ोतरी
प्रधानमंत्री के मुताबिक, पिछले 12 वर्षों में भारत की सौर ऊर्जा क्षमता करीब 2 गीगावाट से बढ़कर 160 गीगावाट से ज्यादा हो गई है। इसी अवधि में विंड एनर्जी की क्षमता भी लगभग तीन गुना हुई है, जबकि हाइड्रो पावर क्षमता में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
उन्होंने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि 50 लाख से ज्यादा घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। सरकार की ओर से प्रत्येक घर को करीब 80 हजार रुपये तक की सहायता दिए जाने की बात भी उन्होंने कही।
किसानों के खेतों में लगे सोलर पंप
पीएम मोदी ने बताया कि पीएम-कुसुम योजना के तहत करीब 30 लाख किसानों के खेतों में सोलर पंप लगाए गए हैं। इससे किसानों को सिंचाई के लिए स्वच्छ ऊर्जा का विकल्प मिलने के साथ पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने में मदद मिलने की बात कही गई।
उन्होंने यह भी कहा कि सोलर ऊर्जा के विस्तार से भारत ने करीब 20 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन को रोकने में योगदान दिया है। करोड़ों घरों में एलईडी बल्ब पहुंचाने और ऊर्जा दक्षता बढ़ाने को भी उन्होंने पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा।
भारत ने बनाए कई वैश्विक क्लाइमेट एलायंस
पीएम मोदी ने इंटरनेशनल सोलर एलायंस, ग्लोबल बायोफ्यूल एलायंस, इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस, वन वर्ल्ड वन ग्रिड और मिशन LiFE जैसी पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये मंच जलवायु और पर्यावरण संरक्षण के लिए देशों को साथ लाने में भूमिका निभा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का प्रयास केवल अपनी जरूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया को साथ लेकर पर्यावरण सुरक्षा के नए मानक स्थापित करने का है।


