जी-7 शिखर सम्मेलन में मिलेंगे पीएम मोदी और ट्रंप, 16 महीने बाद होगी अहम द्विपक्षीय वार्ता
फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात होगी। व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और वीजा समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की संभावना है।

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के रिश्तों के बीच जारी कूटनीतिक और आर्थिक चर्चाओं के दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर आमने-सामने होने जा रहे हैं। दोनों नेताओं की मुलाकात 17 जून को फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रस्तावित है। यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पिछले 16 महीनों में दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित करने वाली कई बड़ी घटनाएं सामने आई हैं।
16 महीने बाद होगी दोनों नेताओं की मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पिछली मुलाकात फरवरी 2025 में हुई थी। इसके बाद से वैश्विक राजनीति और भारत-अमेरिका संबंधों में कई बदलाव देखने को मिले हैं। व्यापारिक समझौते, टैरिफ विवाद, रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में रहे हैं।
अब फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित जी-7 सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता होने जा रही है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की जा सकती है।
व्यापार, रक्षा और वीजा पर फोकस
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और अमेरिका के बीच लंबित व्यापारिक समझौता इस बैठक का प्रमुख एजेंडा हो सकता है। इसके अलावा रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी साझेदारी और भारतीय पेशेवरों के लिए वीजा संबंधी नीतियों पर भी बातचीत की संभावना है।
दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में भी चर्चा कर सकते हैं। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े मुद्दे भी बैठक का हिस्सा बन सकते हैं।
हालिया घटनाओं के बीच बढ़ा महत्व
यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब हाल ही में समुद्री क्षेत्र में हुई एक घटना को लेकर भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक संवाद तेज हुआ है। इस मामले को लेकर भारत ने अपनी चिंता अमेरिका के समक्ष दर्ज कराई थी। ऐसे में दोनों नेताओं की सीधी बातचीत को रिश्तों में स्पष्टता और सहयोग बढ़ाने के अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
फ्रांस और अन्य नेताओं से भी मुलाकात
जी-7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी कई अन्य वैश्विक नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। इनमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बैठक विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, भारत और फ्रांस के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग को लेकर भी प्रगति संभव है। "मेक इन इंडिया" पहल के तहत उन्नत सैन्य तकनीक और लड़ाकू विमान परियोजनाओं पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि जी-7 सम्मेलन में होने वाली मोदी-ट्रंप बैठक केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका असर वैश्विक व्यापार, सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी के भविष्य पर भी पड़ सकता है।


