पेट्रोल की कीमतों को लेकर पाक में कोहराम, शहबाज सरकार को घटानी पड़ी कीमतें; मंत्रियों की सैलरी रुकी
ईरान और अमेरिकी इजरायल के युद्ध के बीच पाकिस्तान की हालत खराब हो गई है। गुरुवार को ही शहबाज शरीफ ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि कर दी थी। जनता के विरोध के बाद पेट्रोल की कीमतों में कटौती की गई है।

इस्लामाबाद। अमेरिका-ईरान जंग से पैदा हुए तेल संकट से पाकिस्तान बेहाल है और अब वहां की सरकार ने जनता को झटाक दे दिया है। पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने गुरुवार, 2 अप्रैल को घोषणा की कि पेट्रोल की कीमत 137.24 रुपए बढ़ाकर 458.4 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) की कीमत 184.49 बढ़ाकर 520.35 रुपये प्रति लीटर की जा रही है। उनकी घोषणा के तुरंत बाद, पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्रालय ने नई कीमतें भी नोटिफाई कर दीं।
इतना ही नहीं पाकिस्तान सरकार ने केरोसीन की कीमतें भी 34.08 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 457.80 रुपये प्रति लीटर कर दीं। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार पेट्रोलियम मंत्री मलिक ने कहा कि नई कीमतें शुक्रवार से प्रभावी होंगी। दरअसल ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध के बाद से पाकिस्तान ईंधन संकट में डूबा हुआ है और ऐसा पहली बार नहीं है जब 28 फरवरी को शुरू जंग के बाद पाकिस्तान में तेल के दाम बढ़ाए गए हैं।
अपनी ही बात से पलटे शहबाज
डॉन की रिपोर्ट के अनुसार एक सप्ताह पहले ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि उन्होंने युद्ध शुरू होने के बाद से पेट्रोल की कीमत में 95 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 203 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की तीसरी सिफारिश को खारिज कर दिया है। इससे पहले, पीएम ने कहा था कि उन्होंने डीजल की कीमत में 177 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल की कीमत में 76 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी को खारिज कर दिया है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा था कि 13 मार्च को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद उन्होंने पहले भी इसी तरह की सिफारिश को खारिज कर दिया था। लेकिन अब पहले से ही आर्थिक संकट से जूझती पाक सरकार बेबस दिख रही है।
युद्ध शुरू होने के बाद, पाकिस्तान सरकार ने शुरुआत में 6 मार्च को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। अब एक बार फिर यह बढ़ोतरी की गई है।


