Petrol-Diesel Price: विधानसभा चुनावों के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमत में होगी बढ़ोतरी? आ गई सरकार की सफाई
एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सरकार पश्चिम बंगाल और कई दूसरे राज्यों में चल रही विधानसभा चुनावों के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमत में बढ़ोतरी कर सकती है। यह बढ़ोतरी 25 से 28 रुपये प्रति लीटर तक हो सकती है। लेकिन सरकार ने इसका खंडन किया है।

नई दिल्ली। ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में काफी तेजी आई है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सरकार पश्चिम बंगाल और कई दूसरे राज्यों में चल रही विधानसभा चुनावों के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमत में बढ़ोतरी कर सकती है। यह बढ़ोतरी 25 से 28 रुपये प्रति लीटर तक हो सकती है। लेकिन सरकार ने इसका खंडन किया है। पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस मिनिस्ट्री का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ाने को कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है।
मिनिस्ट्री ने एक बयान में कहा, 'इस तरह की रिपोर्ट हैं कि पेट्रोल और डीजल की कीमत में बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। इस तरह की खबरें लोगों के बीच डर और घबराहट पैदा करने के लिए तैयार की जाती हैं। ये शरारतपूर्ण तथा भ्रामक होती हैं। भारत ही अकेला ऐसा देश है जहां पिछले 4 साल में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। सरकार और सरकारी तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय कीमतों में होने वाली भारी बढ़ोतरी से आम लोगों को बचाने के लिए लगातार कदम उठाए हैं।'
FAKE NEWS
— Ministry of Petroleum and Natural Gas #MoPNG (@PetroleumMin) April 23, 2026
There are some news reports suggesting a price hike of petrol and diesel. It is hereby clarified that there is no such proposal under consideration by the Government.
Such news items are designed to create fear and panic amongst the citizens and are mischievous and… pic.twitter.com/yTAfJdah2o
तेल में क्यों लगी आग
घरेलू ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि कई राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनावों के बाद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत में प्रति लीटर 25 से 28 रुपये तक की बढ़ोतरी की जा सकती है। तमिलनाडु में आज सभी सीटों के लिए मतदान हो रहा है जबकि पश्चिम बंगाल में पहले चरण में 152 सीटों के लिए वोटिंग हो रही है। विधानसभा चुनावों में अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को होना है।
ईरान यु्द्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही बंद है। दुनिया का करीब 20 फीसदी कच्चा तेल इसी रास्ते गुजरता है। इसे दुनिया के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा तेल संकट माना जा रहा है। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से 600 मिलियन बैरल से ज्यादा की सप्लाई बाधित हो चुकी है। सप्लाई बाधित होने से कच्चे तेल की कीमत में तेजी आई है। पिछले महीने यह 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था।
अभी कितनी है कीमत?
कच्चे तेल में तेजी से भारत का आयात बिल बढ़ गया है। आयात में 13 से 15 फीसदी गिरावट के बावजूद भारत का रोजाना का क्रूड इम्पोर्ट बिल 190 से 210 मिलियन डॉलर बढ़ गया है। लेकिन पेट्रोल और डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत अभी 94.77 रुपये प्रति लीटर है जबकि डीजल 87.67 रुपये लीटर मिल रहा है। इस बीच कच्चे तेल की कीमत में आज 1 फीसदी से तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड 1.23% तेजी के साथ 103.2 डॉलर प्रति बैरल पर है।


