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संसद में फिर हंगामा, लोकसभा-राज्यसभा दोपहर 2 बजे तक स्थगित; FCRA संशोधन विधेयक पेश होने की संभावना

संसद के मानसून सत्र में विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। विपक्ष ने राम मंदिर दान विवाद, पुलिस कार्रवाई और नए दल-बदल कानून पर चर्चा की मांग उठाई। FCRA संशोधन विधेयक भी पेश होने की संभावना है।

संसद में फिर हंगामा, लोकसभा-राज्यसभा दोपहर 2 बजे तक स्थगित; FCRA संशोधन विधेयक पेश होने की संभावना
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नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में सोमवार को भी विपक्ष और सरकार के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्षी दलों ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई, राम मंदिर दान से जुड़े आरोपों और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की। लगातार हंगामे के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। इस बीच सरकार के आज विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) संशोधन विधेयक पेश करने की संभावना भी जताई जा रही है।

विपक्ष का मकर द्वार पर प्रदर्शन

संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया। विपक्ष ने 20 जुलाई को दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संसद में बयान देने की मांग दोहराई।

विपक्षी नेताओं ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए और सरकार को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।

राम मंदिर दान मामले पर भी सरकार को घेरा

संसद में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित दान विवाद का मुद्दा भी गूंजा। कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि इस मामले पर पारदर्शिता आवश्यक है और ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।

राज्यसभा सांसद रेणुका चौधरी ने भी ट्रस्ट के खातों और कार्यप्रणाली के स्वतंत्र ऑडिट की मांग करते हुए इस विषय पर चर्चा कराने की मांग रखी।

यह मुद्दा उस समय और चर्चा में आया जब पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने हाल के दिनों में राम मंदिर दान को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे।

दल-बदल कानून पर नई बहस

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर नए दल-बदल कानून पर चर्चा की मांग की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक अवसरवाद के चलते होने वाले बड़े पैमाने पर दल-बदल पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कानून बनाया जाना चाहिए, जबकि जनप्रतिनिधियों के वैचारिक मतभेद व्यक्त करने के अधिकार की भी रक्षा होनी चाहिए।

इस प्रस्ताव के जरिए संसद में राजनीतिक सुधारों पर बहस की मांग भी उठाई गई।

FCRA संशोधन विधेयक पर रहेगी नजर

सरकार की ओर से सोमवार को विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) संशोधन विधेयक पेश किए जाने की संभावना है। यदि यह विधेयक सदन में पेश होता है तो इस पर भी राजनीतिक बहस तेज हो सकती है।

इस बीच कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष गृह मंत्री के बयान की मांग पर अडिग रहेगा। वहीं भाजपा सांसद मनीष जायसवाल ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह लगातार हंगामा कर संसद की कार्यवाही और विधायी कामकाज में बाधा डाल रहा है।

लगातार विरोध और नारेबाजी के कारण पहले राज्यसभा और फिर लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर सदन सुचारु रूप से चल पाएगा या राजनीतिक टकराव जारी रहेगा।


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