संसद के मानसून सत्र का आखिरी दिन आज, क्या एनडीए और विपक्ष के बीच खत्म होगी सियासी रार
संसद के मानसून सत्र का आज 13 अगस्त 2026 को आखिरी दिन है। छात्रों के प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई, राम मंदिर चंदा मामले और परिसीमन विधेयक पर सबकी नजर है।

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का आज गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को आखिरी दिन है। 20 जुलाई से शुरू हुए इस सत्र के लिए लोकसभा के आधिकारिक कैलेंडर में कुल 19 बैठकें निर्धारित की गई थीं। पूरे सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कई मौकों पर विरोध और हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही भी प्रभावित हुई।
छात्रों के मुद्दे पर सबसे ज्यादा टकराव
मानसून सत्र के दौरान छात्रों के प्रदर्शन और उनके खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई विपक्ष के प्रमुख मुद्दों में शामिल रही। विपक्ष लगातार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले पर संसद में जवाब देने की मांग करता रहा। सरकार की ओर से कहा गया कि वह चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री भी सवालों का जवाब देने को तैयार हैं।
अमित शाह ने विपक्ष से अपने सवाल लिखित रूप में देने को कहा था और सदन में सभी सवालों का जवाब देने की बात कही थी। ऐसे में आखिरी दिन उनके संभावित जवाब पर भी राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।
राम मंदिर चंदा मामले पर भी हंगामा
छात्रों के आंदोलन के अलावा राम मंदिर चंदा चोरी का मामला भी विपक्ष ने सदन में उठाया। विपक्ष ने सरकार से इस मुद्दे पर चर्चा और जवाब की मांग की। दूसरी ओर सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा में भाग लेने की अपील की।
सरकार ने पहले ही जताई थी चर्चा की तैयारी
सत्र शुरू होने से पहले सरकार ने सभी दलों से सदन को सुचारू रूप से चलाने की अपील की थी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में भी सरकार ने नियमों के तहत उठाए जाने वाले महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए तैयार रहने की बात कही थी।
कई विधेयकों पर हुआ काम
इस सत्र में विभिन्न महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और विधायी प्रक्रिया आगे बढ़ी। इनमें पेपर लीक से जुड़े प्रावधानों वाला विधेयक, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या से संबंधित विधेयक, केरल के नाम परिवर्तन से जुड़ा विधेयक और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम संशोधन विधेयक जैसे प्रस्ताव शामिल रहे।
हालांकि, सत्र में पारित कुल विधेयकों की संख्या को लेकर अंतिम आंकड़ा आधिकारिक सत्र-समापन रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट होगा।
परिसीमन विधेयक पर नजर
सत्र के आखिरी दिन परिसीमन विधेयक, 2026 को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां महत्वपूर्ण हो सकती हैं। इस विधेयक की संसदीय स्थिति और आगे की प्रक्रिया पर सभी दलों की नजर है।
अब बड़ा सवाल यही है कि आखिरी दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव कम होता है या सत्र का समापन भी हंगामे के बीच होता है। सत्र समाप्त होने के बाद आधिकारिक संसदीय रिकॉर्ड से पूरे मानसून सत्र के विधायी कामकाज की तस्वीर और स्पष्ट होगी।


