संसद में आज एंटी पेपर लीक बिल पर होगी बड़ी बहस, 8 दिन का गतिरोध खत्म; सरकार और विपक्ष तैयार
संसद के मानसून सत्र में आज लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक 2026 यानी एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा होगी। आठ दिन का गतिरोध खत्म होने के बाद सरकार और विपक्ष बहस के लिए तैयार हैं।

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में लगातार आठ दिनों तक जारी गतिरोध के बाद अब लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा का रास्ता साफ हो गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल और सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच कई दौर की बातचीत के बाद दोनों पक्ष इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा के लिए सहमत हो गए हैं। मंगलवार को दोपहर 12 बजे से लोकसभा में इस बहुचर्चित एंटी पेपर लीक बिल पर विस्तृत बहस होगी। माना जा रहा है कि यह विधेयक देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।
हंगामे के कारण सोमवार को नहीं हो सकी चर्चा
सोमवार को प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। हालांकि, सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने छात्र आंदोलन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई और गृह मंत्री से जवाब की मांग को लेकर जोरदार हंगामा शुरू कर दिया।
लगातार नारेबाजी के कारण लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और फिर दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। दोबारा कार्यवाही शुरू होने के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी और चर्चा टल गई।
ओम बिरला ने निभाई अहम भूमिका
संसदीय गतिरोध खत्म कराने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों के नेताओं से अलग-अलग बैठकें कीं। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी विपक्ष से सदन चलाने की अपील की। बिरला ने कहा कि यह विधेयक करोड़ों छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस पर गंभीर चर्चा आवश्यक है।
उन्होंने सरकार और विपक्ष को शाम पांच बजे तक आम सहमति बनाने का समय दिया और स्पष्ट किया कि विधेयक पर छह घंटे की चर्चा कराई जाएगी। जरूरत पड़ने पर चर्चा की अवधि बढ़ाई भी जा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेताओं से बातचीत के बाद सहमति बनी और विपक्ष विधेयक पर चर्चा के लिए तैयार हो गया।
राज्यसभा में भी गूंजा छात्र आंदोलन का मुद्दा
लोकसभा की तरह राज्यसभा में भी छात्र आंदोलन और प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा प्रमुखता से उठा। विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की।
लगातार विरोध के चलते राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी और अंततः पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। इस कारण उच्च सदन में भी कोई महत्वपूर्ण विधायी कार्य नहीं हो सका।
संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन
संसद भवन परिसर में भी विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और कई अन्य विपक्षी सांसदों ने छात्र आंदोलन के दौरान कथित बल प्रयोग के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार से जवाब मांगते हुए गृह मंत्री के खिलाफ भी नारे लगाए गए।
अब सभी की नजर मंगलवार को होने वाली बहस पर है, जहां सरकार परीक्षा सुधारों के लिए प्रस्तावित नए कानून का पक्ष रखेगी, जबकि विपक्ष इसके विभिन्न प्रावधानों पर सवाल उठाने के साथ छात्र आंदोलन और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है।


