पाकिस्तान में बड़ा हादसा: पेशावर में स्कूल की छत गिरी, 17 बच्चों की मौत; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
पाकिस्तान के पेशावर की दीर कॉलोनी में निजी स्कूल की छत गिरने से 17 बच्चों की मौत। बचाव अभियान जारी, घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

पेशावर। पाकिस्तान के पेशावर में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे में 17 बच्चों की मौत हो गई। दीर कॉलोनी स्थित एक निजी स्कूल की छत गिरने से कई छात्र मलबे में दब गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बचाव दल ने तत्काल राहत अभियान शुरू किया और मलबे से छात्रों तथा शिक्षकों को बाहर निकाला। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, हादसे में घायल लोगों की कुल संख्या अभी स्पष्ट नहीं है और बचाव कार्य जारी है।
दीर कॉलोनी के निजी स्कूल में हादसा
पेशावर के दीर कॉलोनी इलाके में स्थित निजी स्कूल की छत अचानक ढह गई। घटना के समय स्कूल में बच्चे और शिक्षक मौजूद थे। छत गिरने से कई लोग मलबे के नीचे फंस गए। हादसे की सूचना मिलते ही बचावकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया।
पाकिस्तान के अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, लेडी रीडिंग अस्पताल के प्रवक्ता मोहम्मद आसिम ने 17 बच्चों की मौत की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी बच्चों की उम्र 13 वर्ष से कम थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल में आपातकालीन व्यवस्था लागू की गई, ताकि घायलों को तत्काल इलाज मिल सके।
छात्रों और शिक्षकों को मलबे से निकाला गया
रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता बिलाल अहमद फैजी के मुताबिक, बचाव दल ने छात्रों और शिक्षकों समेत करीब 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। शुरुआती चरण में आशंका जताई गई थी कि मलबे के नीचे कई और बच्चे फंसे हो सकते हैं।
बचावकर्मी मलबे को सावधानीपूर्वक हटाकर संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। हादसे में घायल लोगों का उपचार जारी है। प्रशासन की ओर से मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या तथा दुर्घटना के कारणों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
पाकिस्तान में इमारतों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
पाकिस्तान में इमारतों और स्कूलों के ढांचों की सुरक्षा को लेकर पहले भी हादसे सामने आते रहे हैं। खबरों के मुताबिक, जुलाई में एक स्कूल की दीवार गिरने से तीन लड़कियों की मौत हुई थी। पेशावर की घटना ने एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों की इमारतों की मजबूती और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल, प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों की तलाश और घायलों के उपचार की है। हादसे की वजह का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।


