मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का कल नोटिस दे सकता है विपक्ष
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस दे सकता है। सूत्रों के मुताबिक लोकसभा और राज्यसभा में कई सांसदों ने नोटिस पर हस्ताक्षर कर दिए हैं और इंडिया गठबंधन की पार्टियां इस मुद्दे पर एकमत हैं।

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश के खिलाफ विपक्ष गुरुवार को महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस दे सकता है। सूत्रों ने जानकारी दी है कि महाभियोग प्रस्ताव को लेकर विपक्ष नोटिस दे सकता है। विपक्ष लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में नोटिस देगा। सूत्रों के मुताबिक, अब तक लोकसभा क़रीब 120 और राज्यसभा में 60 सांसदों ने नोटिस की कॉपी पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इंडिया गठबंधन की सभी पार्टियां इसपर एकमत हैं। सूत्रों का कहना है कि लोकसभा अध्यक्ष को हटाने वाले प्रस्ताव पर चर्चा के बाद विपक्ष CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस दे सकता है।
वोटर लिस्ट के गहन पुनरीक्षण कार्य (SIR) को लेकर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार विपक्ष के निशाने पर हैं। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के विरोध में सबसे बड़ा मोर्चा खोला था। टीएमसी का आरोप है कि बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले एसआईआर की आड़ में बड़ी संख्या में वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं। वहीं समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव और कांग्रेस सांसद व लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया था। उन्होंने बिहार चुनाव में एसआईआर को लेकर वोट चोरी का अभियान छेड़ा था।
यह देश में पहली बार होगा कि किसी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस की अगुवाई में सीईसी ज्ञानेश कुमार के विरोध में महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी है। महाभियोग के लिए लोकसभा में 100 तो राज्यसभा में 50 सांसदों का समर्थन चाहिए होता है। संविधान के अनुच्छेद 324(5) के तहत सीईसी के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का उल्लेख है। इसके लोकसभा में 100 या राज्यसभा में 50 सांसदों के समर्थन वाला नोटिस दिया जाता है। नोटिस के बाद समिति गठित की जाती है।


