PDA के ‘A’ को लेकर अखिलेश पर बरसे ओपी राजभर, बोले- कहीं 'ए' का नया मतलब आतंकवादी न बता दें
PDA के ‘A’ को आदिवासी बताए जाने पर ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा। सुभासपा प्रमुख ने PDA की बदलती परिभाषा को लेकर तंज कसते हुए सपा की राजनीति पर सवाल उठाए।

पीडीए की नई परिभाषा पर सियासी बयानबाजी
दरअसल, बुधवार को लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने अपने चर्चित PDA फार्मूले के ‘A’ का नया अर्थ ‘आदिवासी’ बताया। इससे पहले वे विभिन्न मौकों पर ‘A’ का अर्थ ‘अल्पसंख्यक’ और ‘अगड़ा’ भी बता चुके हैं। इसी मुद्दे को लेकर ओपी राजभर ने सपा प्रमुख पर निशाना साधा।
राजभर ने कहा कि PDA के ‘A’ की लगातार बदलती परिभाषा राजनीतिक भ्रम पैदा करती है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जिस तरह इसके अर्थ बदल रहे हैं, उससे यह आशंका जताई जा सकती है कि भविष्य में इसका कोई और नया अर्थ भी सामने आ जाए।
अखिलेश जी ने आज अपने PDA की नई व्याख्या की। उन्होंने कहा कि PDA में A का मतलब आदिवासी है।
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) June 25, 2026
A को अल्पसंख्यक और अगड़ा वो, पहले ही बता चुके हैं।
डर ये लग रहा है कि अखिलेश जी किसी दिन कोई सम्मेलन करते हुए यह न कह दें कि A का मतलब आंकवादी भी होता है!
वैसे भी उनकी सरकार अपने कार्यकाल…
अखिलेश को बताया राजनीति का ‘राजा बाबू’
ओपी राजभर ने अपने बयान में फिल्म अभिनेता गोविंदा की चर्चित फिल्म ‘राजा बाबू’ का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह फिल्म में किरदार अलग-अलग भूमिकाएं निभाता है, उसी प्रकार अखिलेश यादव भी समय और परिस्थितियों के अनुसार अपनी राजनीतिक परिभाषाएं बदलते नजर आते हैं।
उन्होंने कहा कि कभी PDA का एक अर्थ बताया जाता है, फिर दूसरा और बाद में तीसरा। इसी वजह से उन्हें अखिलेश यादव भारतीय राजनीति के ‘राजा बाबू’ जैसे प्रतीत होते हैं।
पीडीए फार्मूला क्या है?
समाजवादी पार्टी पिछले कुछ वर्षों से PDA यानी ‘पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक’ के सामाजिक और राजनीतिक समीकरण को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। सपा का दावा है कि इस फार्मूले के जरिए पिछड़े वर्ग, दलित समाज और अल्पसंख्यक समुदायों को एक राजनीतिक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि PDA रणनीति ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दिया है और विभिन्न दल इसके सामाजिक प्रभाव का आकलन कर रहे हैं।
चुनावी राजनीति में बढ़ी बयानबाजी
लोकसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दल लगातार अपने-अपने सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने में जुटे हैं। इसी क्रम में नेताओं के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है। PDA को लेकर अखिलेश यादव और ओपी राजभर के बीच ताजा जुबानी जंग को आगामी चुनावी रणनीतियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में सामाजिक गठजोड़ और वोट बैंक की राजनीति को लेकर ऐसे बयान और अधिक देखने को मिल सकते हैं।


