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उत्तर भारत में लू का प्रहार तेज, सात दिन में पारा पहुंचेगा 45 डिग्री के पार; मौसम विभाग का अलर्ट जारी

केरलम, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। कई क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। कर्नाटक के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

उत्तर भारत में लू का प्रहार तेज, सात दिन में पारा पहुंचेगा 45 डिग्री के पार; मौसम विभाग का अलर्ट जारी
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नई दिल्ली। पूरा उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत सोमवार को भीषण गर्मी और लू की चपेट में रहा। राजस्थान के बाड़मेर में पारा पिछले 24 घंटों में 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिल्ली एनसीआर के शहरों में दिन का तापमान 42 ये 43 डिग्री तक दर्ज किया गया। यूपी के बांदा में सोमवार को अधिकतम तापमान 47.6 डिग्री पहुंच गया।

राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, यूपी, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र आदि राज्यों में प्रचंड गर्मी पड़ रही है। मौसम विभाग ने अगले सात दिनों के लिए इन राज्यों में लू और तापमान 45 डिग्री के पार जाने का अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बेहद गर्म रात की चेतावनी जारी की गई है और इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश और विदर्भ में भीषण लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

दरअसल, देश में मौसम इन दिनों दो बिल्कुल अलग तस्वीरें पेश कर रहा है। उत्तर-पश्चिम भारत के बड़े हिस्से भीषण गर्मी और लू से झुलस रहे हैं, जबकि पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में तेज बारिश, आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

देश में तेजी से बदल रहा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ, समुद्री नमी और ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के संयुक्त असर से देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार देश में कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं, जिसकी वजह से अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है।

उत्तर-पश्चिम भारत पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ी राज्यों में बारिश और तेज हवाओं को बढ़ा रहा है। वहीं बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी आने के कारण पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भारी बारिश और आंधी- तूफान की स्थितियां बन रही हैं। साथ ही ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण और गर्म सतही हवाओं का असर उत्तर भारत में लू को और तीव्र बना रहा है।

तीन दिन में 3 डिग्री बढ़ेगा तापमान

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में तापमान लगातार ऊपर जा रहा है। राजधानी दिल्ली में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री और बढ़ सकता है। यूपी के पश्चिमी हिस्सों में भीषण लू चलने की चेतावनी जारी की गई है, राजस्थान में गर्म रातों से लोग बेहाल हैं।

पूर्वोत्तर में भारी बारिश की संभावना

असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। आईएमडी ने कई इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में 115.5 मिमी तक बारिश होने की संभावना है। आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। निचले इलाकों और नदी-नालों के पास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

दक्षिण भारत में आंधी, बारिश और ओले

केरलम, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। कई क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। कर्नाटक के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

पूर्वी और मध्य भारत में भी मौसम बदलेगा

पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी मौसम तेजी से करवट ले सकता है। झारखंड में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज आंधी चलने का अनुमान है। छत्तीसगढ़ में हल्की बारिश और तेज हवाओं के आसार हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदानों और ऊंचे पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी है।

एडवाइजरी जारी

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने आयुष मंत्रालय के समन्वय से गर्मी के मौसम के लिए सलाह जारी की है। इसमें बढ़ते तापमान के बीच लोगों से ठंडे पेय पदार्थों के सेवन, सांस लेने की तकनीकों और योग अभ्यासों का सुझाव दिया गया है।

पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, दोपहर के समय सीधी धूप से बचने, हल्के सूती कपड़े पहनने और मौसमी फल और इलेक्ट्रोलाइट युक्त तरल पदार्थों का सेवन करने पर जोर दिया गया है। शिशु, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग, बाहरी कामगार और हृदय रोग और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों से पीड़ित लोग लू की स्थिति में संवेदनशील होते हैं उनकी विशेष निगरानी की जानी चाहिए।


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