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नोएडा हिंसा के मास्टरमाइंड समेत 18 गिरफ्तार, जानें- श्रमिकों को हिंसा के लिए कौन भड़काया

नोएडा में हुई हिंसक झड़प, तोड़फोड़, उपद्रव और आगजनी के मामले में पुलिस जांच में साजिशकर्ता के रूप में मजदूर बिगुल दस्ता संगठन का नाम सामने आया है। यह संगठन लखनऊ का बताया गया है, जिसके सदस्य रूपेश राय को हिंसा का मास्टरमाइंड माना जा रहा है।

नोएडा हिंसा के मास्टरमाइंड समेत 18 गिरफ्तार, जानें- श्रमिकों को हिंसा के लिए कौन भड़काया
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नोएडा। औद्योगिक क्षेत्रों में विगत सोमवार को हुई हिंसक झड़प, तोड़फोड़, उपद्रव और आगजनी के मामले में पुलिस जांच में साजिशकर्ता के रूप में मजदूर बिगुल दस्ता संगठन का नाम सामने आया है। यह संगठन लखनऊ का बताया गया है, जिसके सदस्य रूपेश राय को हिंसा का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। राय समेत 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें तीन महिलाएं हैं।

आरोपितों ने 17 वाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से श्रमिकों को भड़काकर माहौल बिगाड़ने का काम किया। इनसे इतर भी 200 से ज्यादा अन्य आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। सोमवार को हुए उपद्रव के मामले में 1500 से अधिक नए मामले भी दर्ज किए गए हैं। इस बीच, बुधवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच संवेदनशील क्षेत्रों में करीब 70 प्रतिशत औद्योगिक इकाइयां खुलीं।

पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बताया कि बिगुल दस्ता संगठन के सदस्यों ने सुनियोजित तरीके से विभिन्न क्षेत्रों के श्रमिकों को जोड़कर वाट्सएप ग्रुप बनाए। ये सभी ग्रुप 12, 13, 14 अप्रैल को बने थे। सभी ग्रुप में संगठन के मुख्य सदस्य ही एडमिन या सक्रिय व्यक्ति के रूप में जुड़े थे। इन ग्रुपों पर श्रमिकों की वास्तविक मांगों जैसे वेतन वृद्धि या कार्य स्थितियों में सुधार को लेकर कोई चर्चा नहीं की गई, बल्कि हिंसा भड़काने वाले संदेश साझा किए गए। सुनियोजित साजिश के तहत कर्मचारियों को उकसाने, भीड़ जुटाने, मिर्ची पाउडर लाने एवं औद्योगिक इकाइयों में तोड़फोड़ करने जैसी बातें लिखी गईं।

शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीन दिनों में 80 से अधिक ग्रुप तैयार किए गए थे, जिनमें से करीब 50 ग्रुप की जानकारी पुलिस को मिल चुकी है। इनमें से 17 वाट्सएप ग्रुप का सत्यापन किया गया है, अन्य का भी सत्यापन किया जा रहा है। संगठन के सदस्य पूरी गतिविधि पूर्व नियोजित और संगठित तरीके से चला रहे थे। संगठन के लोग औद्योगिक क्षेत्रों में घूम-घूमकर मजदूरों को भड़काने का भी काम कर रहे थे। बिगुल दस्ता का नाम गुरुग्राम जिले के मानेसर में विगत सप्ताह हुई औद्योगिक हिंसा में भी आया था। इसका नेटवर्क हरियाणा समेत अन्य राज्यों में भी सक्रिय है।

अब सीधे श्रमिकों के खाते में जाएगा वेतन

कलक्ट्रेट में आयोजित बैठक में उच्चस्तरीय समिति ने कहा कि सभी आउटसोर्सिंग व संविदाकार एजेंसियों को वेतन सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में जमा करना होगा। वेतन पर्ची भी देनी होगी। समिति ने कुछ एजेंसियों को नोटिस जारी किया है। अपंजीकृत एजेंसियों पर भी नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री द्वारा गठित हाईलेवल कमेटी की बैठक में अपर मुख्य सचिव लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग आलोक कुमार, प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन विभाग उत्तर प्रदेश एमकेएस सुंदरम, श्रम आयुक्त उत्तर प्रदेश कानपुर मार्कंडेय शाही ने कहा कि श्रमिकों को अनुशासित रखें। उन्हें प्रशिक्षित करें कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अशांति की स्थिति उत्पन्न न हो। सभी कर्मकारों का ज्वाइनिंग के समय पुलिस सत्यापन कराएं। भविष्य निधि व कर्मचारी राज्य बीमा में पंजीकृत कराएं। मदद के लिए एक हेल्पलाइन नंबर 9411900251 भी जारी किया गया है।

आउटसोर्सिंग एजेंसियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में

डीएम मेधा रूपम ने मंगलवार देर रात बैठक कर आउटसोर्सिंग एजेंसियों को चेतावनी दी कि यदि उनके द्वारा भर्ती श्रमिकों द्वारा उपद्रव, हिंसा या अनुशासनहीनता की गई तो संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एजेंसी संचालकों की भी भूमिका संदेह के घेरे में हैं। इसकी जांच की जा रही है।

श्रम विभाग के अनुसार जिले में महज 600 आउटसोर्सिंग एजेंसियां ही पंजीकृत हैं, जबकि 1500 से अधिक एजेंसियां सक्रिय हैं। डीएम ने निर्देश दिया कि सभी आउटसोर्सिंग एजेंसियां और संविदाकार शासन के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करें। श्रमिकों का न्यूनतम वेतन एक अप्रैल से देना होगा। कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

राजद प्रवक्ता प्रियंका व कंचना पर मुकदमा

साइबर क्राइम थाना पुलिस ने राष्ट्रीय जनता दल की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका भारती और कंचना यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। दोनों पर आरोप है कि इंटरनेट मीडिया पर मध्य प्रदेश का पुराना वीडियो नोएडा का बताकर उसमें सरकार को जबरन घेरकर सवाल खड़े किए थे।

प्रियंका भारती ने सफाई दी है कि शुरुआत में वीडियो नोएडा का प्रतीत हुआ था, लेकिन बाद में पता चलने पर उन्होंने वीडियो डिलीट कर दिया था। पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह का कहना है कि आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


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