नोएडा में इंजीनियर युवराज की मौत पर पहली गिरफ्तारी, बिल्डर को पुलिस ने दबोचा
दिल्ली एनसीआर के नोएडा में इंजीनियर की मौत वाले मामले में पुलिस ने MZ विशटाउन के बिल्डर और मालिक अभय कुमार को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी नॉलेज पार्क पुलिस ने की।

नोएडा। दिल्ली एनसीआर के नोएडा सेक्टर-150 में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में पहली गिरफ्तारी हो गई है। ये गिरफ्तारी MZ विशटाउन के बिल्डर और मालिक की हुई है। उसका नाम अभय कुमार है। उसे नॉलेज पार्क पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस में दर्ज FIR में दो बिल्डर एमजेड विश्टाउन और लोटस ग्रीन को नामजद किया गया है।
अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर भी हो सकती है कार्रवाई
बता दें कि प्राधिकरण में हुई अहम बैठक के बाद एसआईटी ने जांच को तेज कर दिया है। बैठक खत्म होते ही एसआईटी की टीम मौके के लिए रवाना हो गई। एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की जा चुकी है और अब मृतक के परिजनों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी तथ्यों को सामने लाने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। फिलहाल टीम स्थल का निरीक्षण कर रही है और जांच में अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। एसआईटी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि मृतक को दो घंटे तक मदद क्यों नहीं मिल सकी।
3 सदस्यीय दल 5 दिन में सौंपे रिपोर्ट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना की जांच रिपोर्ट 5 दिन के अंदर तलब की है। इस मामले को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री ने एक 3 सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया है। उत्तर प्रदेश शासन ने सोमवार को नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी लोकेश एम को उनके पद से हटाकर उन्हें प्रतिक्षारत कर दिया था। अभी तक नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर किसी की नियुक्ति नहीं हुई है।
गड्डों की पहचान और सुरक्षा के उपाय के क्या आदेश
सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, जीएनआईडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CO) एन जी रवि कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सड़कों पर या उसके आसपास के सभी गड्ढों की पहचान करें। उन्हें तुरंत भरें तथा एक्सीडेंट की आशंका वाली जगहों को बिना किसी देरी के चिह्नित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि साइन बोर्ड, रिफ्लेक्टर और ब्रेकरों सहित जरूरी सुरक्षा उपाय तीन दिनों के भीतर सभी सड़कों पर लागू किए जाएं।
युवराज की हादसे में ऐसे हुई थी मौत
मृतक इंजीनियर युवराज मेहता की कार 16 जनवरी को निर्माणाधीन स्थल के पास पानी से भरे गड्ढे में गिर गयी थी। उस निर्माणाधीन स्थल पर कोई अवरोधक भी नहीं था। यह गड्ढा एक मॉल के भूमिगत तल के निर्माण के लिए खोदा गया था। इस घटना में लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं।


