राजस्थान के नोहर में कांग्रेस के 20 पार्षद, भाजपा के सिर्फ 2 फिर भी अध्यक्ष बनीं हाजन खातून, ऐसे पलटा पासा
राजस्थान के नोहर नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव में भाजपा की हाजन खातून तक ने लॉटरी से जीत दर्ज की। जानिए भाजपा को दो सीटों के बावजूद 20 वोट कैसे मिले और पूरा चुनावी गणित क्या रहा।

40 वार्डों का चुनावी गणित कैसे बदला?
नोहर नगर पालिका के 40 वार्डों के लिए 14 सितंबर को चुनाव हुआ था। परिणाम में कांग्रेस ने 20 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि भाजपा सिर्फ दो वार्ड जीत सकी। बाकी 18 सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गईं।
इन आंकड़ों को देखते हुए कांग्रेस उम्मीदवार के अध्यक्ष बनने की संभावना मजबूत मानी जा रही थी। लेकिन अध्यक्ष पद का चुनाव पार्षदों के वोट से हुआ तो तस्वीर पूरी तरह बदल गई। कांग्रेस उम्मीदवार सुमित चाचन और भाजपा समर्थित हाजन खातून तक को 20-20 वोट मिले।
भाजपा को 2 से मिले 20 वोट, कैसे हुआ यह संभव?
अध्यक्ष चुनाव में भाजपा उम्मीदवार को मिले 20 वोट नगर पालिका चुनाव के मूल नतीजों से अलग तस्वीर दिखाते हैं। इसकी वजह यह है कि हाजन खातून तक ने अपना वार्ड निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीता था। बाद में भाजपा ने उन्हें अपने साथ जोड़ा और अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार बनाया।
इसके बाद करीब एक सप्ताह तक पार्षदों के बीच समर्थन जुटाने और राजनीतिक बातचीत का दौर चला। अंतिम मतदान में भाजपा उम्मीदवार को 20 वोट मिले। यानी नगर पालिका के आम चुनाव में भाजपा के पास दो पार्षद होने के बावजूद अध्यक्ष पद के चुनाव में उसके उम्मीदवार को 20 पार्षदों का समर्थन मिला।
20-20 वोट पर फंसा पेंच, फिर लॉटरी से फैसला
दोनों उम्मीदवारों को बराबर 20-20 वोट मिलने के बाद अध्यक्ष चुनाव में गतिरोध पैदा हो गया। बराबरी की स्थिति में फैसला करने के लिए लॉटरी का सहारा लिया गया।
इसके लिए एक बच्ची को बुलाया गया और उससे दो पर्चियों में से एक पर्ची निकलवाई गई। पर्ची पर हाजन खातून तक का नाम निकला। इसके बाद उन्हें नोहर नगर पालिका की अध्यक्ष घोषित कर दिया गया। इस तरह महज दो मूल वार्ड सीटों वाली भाजपा से जुड़ी उम्मीदवार ने बराबर वोट के बाद लॉटरी के जरिए अध्यक्ष पद हासिल किया।
राजनीति से पुराना रिश्ता, परिवार भी रहा सक्रिय
62 वर्षीय हाजन खातून तक का परिवार पहले से स्थानीय राजनीति से जुड़ा रहा है। उनके दिवंगत पति मंजूर अली तक भी नोहर नगर पालिका समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं। वह राजस्थान सरकार में पूर्व राज्य मंत्री मेहरुनिस्सा तक की सास भी हैं।
चुनाव से एक दिन पहले पुलिस नोटिस से भी हलचल
अध्यक्ष चुनाव से एक दिन पहले पुलिस ने कांग्रेस से जुड़े तीन लोगों के घर नोटिस चस्पा किए। इनमें कृषि उपज मंडी समिति के पूर्व अध्यक्ष बलवीर सुथार, कांग्रेस पार्षद कुसुम जोशी के पति मुकेश जोशी और सुथार के ड्राइवर कुलदीप मिरासी शामिल थे।
पुलिस के मुताबिक, नोटिस करीब दो महीने पुराने जमीन धोखाधड़ी मामले की जांच में सहयोग के लिए दिए गए थे। पुलिस ने इसे नियमित कानूनी प्रक्रिया बताया और कहा कि इसका अध्यक्ष चुनाव से संबंध नहीं था। हालांकि, चुनाव से ठीक पहले हुई कार्रवाई के समय को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा हुई। बलवीर सुथार और मुकेश जोशी को कांग्रेस विधायक अमित चाचन के करीबी सहयोगियों के तौर पर देखा जाता है।


