मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के सदस्य के रूप में ली शपथ, उच्च सदन से शुरू की नई पारी
Bihar News: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली में फिर से नई पारी का शुभारंभ कर चुके हैं। इसके लिए सारी तैयारी पहले ही पूरी हो चुकी थी। बिहार एनडीए के सभी वरिष्ठ नेता इसका गवाह बनें।

नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार आज राज्यसभा से अपनी नई पारी शुरू कर रहे हैं। आज दोपहर 12:12 बजे उन्होंने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली। इसके लिए समारोह का आयोजन किया गया। राज्यसभा में सारी तैयारी पहले ही पूरी हो चुकी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने आवास से निकलकर राज्यसभा पहुंचे।
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी उनके आवास से उनके साथ राज्यसभा पहुंचे। 16 मार्च को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित हुए थे। 30 मार्च को उन्होंने विधान परिषद् सदस्य के रूप में इस्तीफा दिया। इसके बाद आज उन्होंने राज्यसभा सांदस के रूप में शपथ लिया। अब तीन से चार दिनों के अंदर वह अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप देंगे।
एक दिन पहले यानी नौ अप्रैल को दिल्ली पहुंचे नीतीश कुमार ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अब हम यहीं रहेंगे, वहां नए लोगों को मौका मिलेगा। बहुत समय तक यहां (दिल्ली) काम किया है, अब फिर से यहीं काम करूंगा। 20 साल तक बिहार में बहुत काम किया है। यह काम आगे भी काम जारी रहेगा।
पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह से भी मुलाकात करेंगे सीएम नीतीश कुमार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा में शपथ लेने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलकात करेंगे। उनके साथ ललन सिंह और संजय झा भी रहेंगे। बिहार में नई एनडीए सरकार के प्रारूप को लेकर सीएम नीतीश कुमार गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत कर सकते हैं। नई सरकार का मंत्रिमंडल कैसा रहेगा? कौन रिपीट होंगे? किस नए चेहरे को मौका दिया जाएगा? इस पर सीएम नीतीश कुमार अपनी राय रखेंगे।
दिल्ली से लौटने के बाद देंगे अपना इस्तीफा
सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज ही दिल्ली से पटना लौटेंगे। इसके बाद पटना में जनता दल यूनाईटेड के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे। सीएम 13 अप्रैल को कैबिनेट की अंतिम बैठक कर सकते हैं। इसके बाद एनडीए के विधायक दल की बैठक होगी। इसमें सीएम नीतीश कुमार अपने इस्तीफे की घोषणा करेंगे। इसके बाद राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौपेंगे।


