Top
Begin typing your search above and press return to search.

नीरव मोदी को बड़ा झटका, यूरोप की अदालत से भी हार; भारत प्रत्यर्पण की राह पूरी तरह साफ

नीरव मोदी को यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय (ECHR) से बड़ा झटका लगा है। अंतिम कानूनी याचिका खारिज होने के बाद भारत प्रत्यर्पण की राह पूरी तरह साफ हो गई है।

नीरव मोदी को बड़ा झटका, यूरोप की अदालत से भी हार; भारत प्रत्यर्पण की राह पूरी तरह साफ
X

नई दिल्ली। भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को बड़ा कानूनी झटका लगा है। यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय (ECHR) ने उसकी अंतिम याचिका भी खारिज कर दी है। इसके साथ ही भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ उसके पास उपलब्ध सभी कानूनी विकल्प समाप्त हो गए हैं। अब ब्रिटेन सरकार और भारतीय एजेंसियां प्रत्यर्पण की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने में जुटी हैं और औपचारिकताएं पूरी होते ही नीरव मोदी को भारत लाया जा सकता है।

सात साल से ब्रिटेन की जेल में बंद

नीरव मोदी मार्च 2019 से लंदन की एचएमपी वैंड्सवर्थ जेल में बंद है। इस दौरान उसने कई बार ब्रिटिश अदालतों में जमानत और प्रत्यर्पण रोकने की अपील की, लेकिन हर बार उसे निराशा हाथ लगी। वर्ष 2021 में तत्कालीन ब्रिटिश गृह सचिव ने उसके भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी।

इसके बाद भी नीरव मोदी ने विभिन्न अदालतों में राहत पाने की कोशिश जारी रखी। मार्च 2026 में उसने दावा किया कि भारत भेजे जाने पर उसके मानवाधिकारों का उल्लंघन हो सकता है, लेकिन अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।

यूरोपीय अदालत से भी नहीं मिली राहत

ब्रिटेन की अदालतों से हार मिलने के बाद नीरव मोदी ने अप्रैल 2026 में यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय (ECHR) का दरवाजा खटखटाया। उसने प्रत्यर्पण पर रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही प्रत्यर्पण रोकने की उसकी आखिरी कानूनी उम्मीद भी खत्म हो गई।

अब केवल ब्रिटेन के गृह मंत्रालय, भारतीय उच्चायोग और संबंधित एजेंसियों के बीच दस्तावेजों की प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की जानी हैं।

PNB घोटाले का मुख्य आरोपी

नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से जुड़े करीब 14,000 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले का प्रमुख आरोपी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) लंबे समय से उसके प्रत्यर्पण की मांग कर रहे हैं।

जांच एजेंसियों के अनुसार, नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी ने फर्जी लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) के जरिए बैंक को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया। इस मामले में भारत में उसके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

वाणिज्यिक मामले में भी मिली हार

प्रत्यर्पण मामले के अलावा नीरव मोदी को लंदन की एक अदालत से भी झटका लगा है। कोर्ट ने बैंक ऑफ इंडिया के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उसे दुबई स्थित फायरस्टार डायमंड एफजेडई को दिए गए ऋण की व्यक्तिगत गारंटी के तहत करीब 11.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर (ब्याज सहित) चुकाने का आदेश दिया है।

कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब माना जा रहा है कि नीरव मोदी का भारत प्रत्यर्पण किसी भी समय संभव हो सकता है। भारतीय एजेंसियां उसके भारत लाए जाने की तैयारियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it