सीजेपी के प्रदर्शन के बीच नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन भी बंद, अब 18 स्टेशन प्रभावित; सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
दिल्ली में CJP प्रदर्शन के बीच DMRC ने नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन भी बंद कर दिया। अब कुल 18 मेट्रो स्टेशन प्रभावित हैं। जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी, सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त किया।

दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन और सुरक्षा एजेंसियों की सलाह के मद्देनजर लगातार तीसरे दिन कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर सेवाएं प्रभावित हैं। इससे रोजाना यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों, छात्रों और दफ्तर जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
DMRC का नया अपडेट, नई दिल्ली स्टेशन भी बंद
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने शुक्रवार दोपहर जारी सूचना में बताया कि सुरक्षा कारणों से नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन को तत्काल प्रभाव से बंद किया गया है। इससे पहले सुबह 17 स्टेशनों को बंद करने की घोषणा की गई थी, लेकिन बाद में नई दिल्ली स्टेशन को भी सूची में शामिल कर लिया गया।
मेट्रो अधिकारियों ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले नवीनतम अपडेट देखने और वैकल्पिक परिवहन साधनों का उपयोग करने की अपील की है।
इन 18 स्टेशनों पर सेवाएं प्रभावित
फिलहाल जिन प्रमुख स्टेशनों पर सेवाएं बंद हैं, उनमें लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम, झंडेवालान और अब नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन शामिल हैं।
हालांकि, पहले जारी निर्देशों के अनुसार राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय पर सीमित रूप से इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध कराई गई थी, जबकि नई दिल्ली स्टेशन पर इंटरचेंज भी पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
तीन दिनों से प्रभावित है मेट्रो सेवा
दिल्ली में पिछले तीन दिनों से सुरक्षा व्यवस्था के कारण मेट्रो सेवाओं पर असर देखा जा रहा है। बुधवार और गुरुवार को भी कई स्टेशन लंबे समय तक बंद रहे थे। गुरुवार शाम को केंद्रीय सचिवालय, मंडी हाउस और राजीव चौक के प्रवेश द्वार करीब 14 घंटे बाद खोले गए थे, जबकि अन्य स्टेशन बंद ही रहे।
सोमवार को भी जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ स्टेशन कुछ समय के लिए बंद किए गए थे।
जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन जारी
इस बीच जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कायम हैं। सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिन का अनशन समाप्त कर दिया है, लेकिन उन्होंने इसे आंदोलन का अंत नहीं बल्कि "जवाबदेही की शुरुआत" बताया है।
वांगचुक ने कहा कि उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा और सरकार की ओर से मिले आश्वासनों के बाद ही अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार के साथ बातचीत जारी रहने के कारण उन्होंने अपना अनशन दो दिन और बढ़ाया था।
हालांकि, CJP के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।


