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नेपाल की संसद में बोले पीएम बालेन शाह ने भारत की मदद का किया धन्यवाद; बोले- मदद लेने से इनकार का सवाल ही नहीं

नेपाल के पीएम बालेन शाह ने संसद में विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत और चीन की मदद के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अब तक 11,993 लोगों को बचाया गया है।

नेपाल की संसद में बोले पीएम बालेन शाह ने भारत की मदद का किया धन्यवाद; बोले- मदद लेने से इनकार का सवाल ही नहीं
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काठमांडू। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद चल रहे राहत एवं बचाव अभियान को लेकर संसद में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों की जान बचाना है। इस आपदा में अब तक 1,100 से अधिक लोगों की मौत और हजारों लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।

भारत और चीन को बताया मित्र देश

प्रधानमंत्री शाह ने संसद में कहा कि नेपाल ने आपदा के दौरान अंतरराष्ट्रीय सहायता लेने से कभी इनकार नहीं किया। उन्होंने भारत और चीन की ओर से भेजे गए विशेषज्ञों और तकनीकी टीमों का विशेष रूप से धन्यवाद किया। शाह के मुताबिक, दोनों देशों के विशेषज्ञों ने शुरुआती दौर में ही प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और नुकसान का आकलन करने के साथ यह समझने की कोशिश की कि किन इलाकों तक पहुंचना संभव है।

उन्होंने बताया कि भारतीय तकनीकी विशेषज्ञ जल्द से जल्द दूरदराज के प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे। कई स्थानों पर हालात इतने चुनौतीपूर्ण थे कि भारी मात्रा में जमा कीचड़ और मलबे के कारण बचाव दल के लिए खड़ा होना भी मुश्किल हो रहा था।

लोगों को बचाना सरकार की पहली प्राथमिकता

बालेन शाह ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही सरकार ने आपातकालीन व्यवस्था सक्रिय कर दी थी। सुबह करीब 8:30 बजे घटना की जानकारी मिलने के बाद टीमों को अलर्ट किया गया और 9:15 बजे आपात बैठक बुलाई गई। हेलीकॉप्टरों को स्टैंडबाय पर रखा गया और करीब 10:30 बजे आपदा राहत एवं बचाव टीमें कार्रवाई के लिए तैयार थीं।

उन्होंने बताया कि सेना के हेलीकॉप्टरों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजने के निर्देश दिए गए थे। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को बचाव अभियान में प्राथमिकता दी गई। विदेशी नागरिकों की तलाश और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए अलग टीम भी गठित की गई।

अब तक करीब 12 हजार लोगों का रेस्क्यू

प्रधानमंत्री के अनुसार, अब तक 11,993 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि 3,916 लोग अभी भी लापता हैं। रसुवा और नुवाकोट के लिए एक-एक करोड़ नेपाली रुपये की सहायता जारी की गई। राहत सामग्री से भरे 10 ट्रक प्रभावित क्षेत्रों में भेजे गए हैं। सरकार के मंत्रियों ने भी एक महीने का वेतन राहत कार्यों के लिए देने का फैसला किया है।

भारत ने भेजी 68.5 टन राहत सामग्री

नेपाल में आपदा के बाद भारत ने तेजी से राहत अभियान शुरू किया। भारतीय वायुसेना के विमानों के जरिए अब तक पांच खेपों में करीब 68.5 टन मानवीय सहायता और मेडिकल सप्लाई नेपाल पहुंचाई गई है। भारत ने सुरंगों और दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए विशेषज्ञ बचाव दल, उपकरण और दवाएं भी भेजीं।

2 सितंबर को भेजी गई पांचवीं खेप में 11 सदस्यीय बचाव दल और करीब 5.5 टन आवश्यक दवाइयां शामिल थीं। भारत ने नेपाल में फंसे अपने नागरिकों की सहायता और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए भी अभियान चलाया है।


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