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NEET-UG रीटेस्ट पर सरकार की सख्ती, वायुसेना के विमानों से पहुंचेंगे प्रश्नपत्र; पीएम मोदी खुद रखेंगे नजर

NEET UG रीटेस्ट 2026 को सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार बड़े कदम उठा रही है। प्रश्नपत्रों की ढुलाई में भारतीय वायुसेना के विमानों के इस्तेमाल पर विचार हो रहा है। पीएम मोदी खुद तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं।

NEET-UG रीटेस्ट पर सरकार की सख्ती, वायुसेना के विमानों से पहुंचेंगे प्रश्नपत्र; पीएम मोदी खुद रखेंगे नजर
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नई दिल्ली। NEET UG 2026 रीटेस्ट को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। पेपर लीक विवाद के बाद सरकार इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। इसी वजह से 21 जून को प्रस्तावित रीटेस्ट के लिए प्रश्नपत्रों की ढुलाई में भारतीय वायुसेना (IAF) के विमानों का उपयोग करने की योजना पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। सरकार की सुरक्षा रणनीति में केंद्रीय एजेंसियों, गृह मंत्रालय और राज्य पुलिस तंत्र को भी शामिल किया गया है। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं परीक्षा तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी कर रहे हैं।

रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक

रीटेस्ट की तैयारियों को लेकर गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह और कई मंत्रालयों के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।

सूत्रों के मुताबिक बैठक में परीक्षा की सुरक्षा, प्रश्नपत्रों की ढुलाई, भंडारण और वितरण प्रणाली को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। सरकार का मानना है कि समय कम है और परीक्षा की विश्वसनीयता बहाल करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

पीएम मोदी तक पहुंचेगा अंतिम प्रस्ताव

सरकारी सूत्रों का कहना है कि वायुसेना के विमानों के उपयोग पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इस प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखा जाएगा। हालांकि, यह स्पष्ट है कि सरकार इस बार परीक्षा प्रक्रिया की हर कमजोर कड़ी को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।

अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली इस प्रतिष्ठित परीक्षा की साख को बहाल करना सरकार की प्राथमिकता है। यही कारण है कि सुरक्षा उपायों को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ाया जा रहा है।

वायुसेना की क्या होगी भूमिका?

यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो भारतीय वायुसेना के विमान देश के विभिन्न राज्यों के प्रमुख केंद्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचाएंगे। उत्तर प्रदेश में लखनऊ, आगरा, गोरखपुर और वाराणसी, बिहार में पटना और दरभंगा तथा पश्चिम बंगाल में कोलकाता और बागडोगरा जैसे शहरों को संभावित वितरण केंद्रों के रूप में चिन्हित किया गया है।

इन केंद्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचने के बाद राज्य सरकारों की एजेंसियां उन्हें जिलों तक ले जाएंगी और कड़ी सुरक्षा में परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संभालेंगी। वर्तमान में यह कार्य डाक विभाग के माध्यम से किया जाता है।

पेपर सेटिंग से परीक्षा केंद्र तक कड़ी निगरानी

बैठक में प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों के चयन से लेकर छपाई, पैकेजिंग, भंडारण और वितरण तक की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने परिवहन मार्गों, सुरक्षा प्रोटोकॉल और परीक्षा केंद्रों पर अंतिम चरण की व्यवस्था पर भी चर्चा की।

इसके साथ ही केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्यों के गृह विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि प्रश्नपत्रों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।

पेपर लीक के बाद सतर्क है सरकार

NEET UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद सरकार बेहद सतर्क रुख अपनाए हुए है। सूत्रों के अनुसार, जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस को भी पूरी प्रक्रिया में अधिक सक्रिय भूमिका दी जा सकती है। प्रधानमंत्री कार्यालय को नियमित रूप से सुरक्षा तैयारियों और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी दी जा रही है।

गौरतलब है कि प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद 12 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी गई थी। मामले की जांच कर रही सीबीआई अब तक विभिन्न शहरों से 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। ऐसे में आगामी रीटेस्ट को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाना सरकार के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गया है।


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