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मिनाब स्कूल हमले के पीड़ितों की तस्वीरें लेकर इस्लामाबाद गए ईरान के गालिबाफ, अमेरिका को दिया बड़ा संदेश

ईरान के मिनाब में एक प्राथमिक स्कूल में कथित तौर पर अमेरिकी हमले में 165 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें बच्चे और स्कूल के कर्मचारी भी शामिल थे। गालिबाफ ने मिनाब स्कूल हमले के पीड़ितों की तस्वीरों के साथ विमान यात्रा कर शांति वार्ता से पहले अमेरिका पर दबाव बनाने की कोशिश की है।

मिनाब स्कूल हमले के पीड़ितों की तस्वीरें लेकर इस्लामाबाद गए ईरान के गालिबाफ, अमेरिका को दिया बड़ा संदेश
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तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को खत्म करने का कूटनीतिक हल निकालने के लिए इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान के बीच शनिवार को शांति वार्ता होनी है। इस बीच ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ की इस्लामाबाद यात्रा ने ईरान-अमेरिका शांति वार्ता के लिए माहौल तैयार कर दिया है।

गालिबाफ ने दुनिया को एक अलग ही तरह का दृश्य दिखाकर ईरान को शांति वार्ता से पहले अमेरिका पर दबाव बनाने का मौका दिया है। दरअसल, ईरानी संसद के अध्यक्ष जिस विमान से इस्लामाबाद पहुंचे थे, उसकी खाली सीटों पर मिनाब स्कूल पर हुए हमले के पीड़ितों की तस्वीरें रखी थीं। गालिबाफ की ओर से पीड़ितों को इस तरह से श्रद्धांजलि देना अमेरिका-ईरान शांति वार्ता से पहले के संदेशों में एक केंद्रीय बिंदु बन गया है।

'इस उड़ान में मेरे साथी'

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने एक्स पर एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि इस उड़ान में मेरे साथी, मिनाब168। उन्होंने 28 फरवरी 2026 को मिनाब के एक प्राथमिक विद्यालय पर हुए हमले में मारे गए बच्चों और कर्मचारियों के लिए मिनाब168 लिखा था। इस हमले में कथित तौर पर कम से कम 165 लोगों की मौत हुई थी और 100 से अधिक घायल हुए थे।

'अच्छी नीयत, पर भरोसा नहीं' : गालिबाफ

तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार इस्लामाबाद पहुंचने पर गालिबाफ ने कहा कि तेहरान अच्छी नीयत से, लेकिन भरोसे के बिना चर्चा करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि अतीत में हुई वार्ताएं बार-बार विफल रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकियों के साथ बातचीत का उनका अनुभव हमेशा विफलता और समझौते के उल्लंघन से जुड़ा है।

अमेरिका को दी चेतावनी

उन्होंने कहा, "आगामी वार्ताओं में अगर अमेरिकी पक्ष एक वास्तविक समझौता करने और ईरानी लोगों के अधिकारों को प्रदान करने के लिए तैयार है, तो वे समझौते के लिए हमारी तत्परता भी देखेंगे।" उन्होंने कूटनीति में धोखे के प्रति आगाह किया और कहा कि अगर वार्ता का उपयोग बेईमान कार्रवाई को ढकने के लिए किया गया तो ईरान दृढ़ता से जवाब देगा।


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