मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की तैयारी,धर्मेंद्र प्रधान की हो सकती है छुट्टी, शक्तिकांत दास बन सकते हैं नए वित्त मंत्री
मोदी सरकार में संभावित कैबिनेट फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हैं। धर्मेंद्र प्रधान, निर्मला सीतारमण और शक्तिकांत दास समेत कई नामों को लेकर राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में जल्द ही बड़े कैबिनेट फेरबदल की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले केंद्र सरकार मंत्रिमंडल में अहम बदलाव कर सकती है।
हालांकि सरकार या भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। पिछले सप्ताह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुलाकात के बाद से अटकले और तेज हो गई है। फिलहाल यह चर्चाएं राजनीतिक विश्लेषकों, मीडिया रिपोर्टों और सूत्रों के हवाले से सामने आ रही हैं।
शिक्षा और वित्त मंत्रालय पर सबसे ज्यादा नजर
संभावित फेरबदल में सबसे अधिक चर्चा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लेकर हो रही है। पिछले कुछ समय में NEET परीक्षा से जुड़े विवादों के बाद विपक्ष लगातार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करता रहा है। ऐसे में अटकलें हैं कि सरकार शिक्षा मंत्रालय में बदलाव कर सकती है।
इसी तरह यह भी चर्चा है कि पूर्व भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) गवर्नर और वरिष्ठ नौकरशाह शक्तिकांत दास को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल कर वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जा सकती है। यदि ऐसा होता है तो यह आर्थिक नीति के क्षेत्र में सरकार का बड़ा कदम माना जाएगा। वहीं, कुछ राजनीतिक चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि निर्मला सीतारमण को किसी अन्य महत्वपूर्ण मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
संभावित नए चेहरों की भी चर्चा
राजनीतिक हलकों में जिन नेताओं के नाम संभावित नए मंत्रियों के रूप में लिए जा रहे हैं, उनमें नीतीश कुमार, शक्तिकांत दास, सुखेंदु शेखर राय, तरुण चुग, श्रीकांत शिंदे, अनुराग ठाकुर और राघव चड्ढा जैसे नाम शामिल हैं। हालांकि इन नामों की किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इसके अलावा मनोहर लाल खट्टर, रवनीत सिंह बिट्टू, अश्विनी वैष्णव, हरदीप सिंह पुरी, नितिन गडकरी, धर्मेंद्र प्रधान और निर्मला सीतारमण के विभागों में बदलाव की भी चर्चाएं हैं।
शक्तिकांत दास का अनुभव बना चर्चा का विषय
69 वर्षीय शक्तिकांत दास को आर्थिक मामलों का लंबा प्रशासनिक अनुभव हासिल है। वह वित्त मंत्रालय में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं और केंद्रीय बजट तैयार करने की प्रक्रिया में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वर्ष 2018 से 2024 तक भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में उन्होंने देश की मौद्रिक नीति और आर्थिक स्थिरता को संभाला।
यदि उन्हें वित्त मंत्री बनाया जाता है तो वे उन चुनिंदा व्यक्तियों में शामिल होंगे जिन्होंने आरबीआई और वित्त मंत्रालय दोनों में शीर्ष स्तर की भूमिका निभाई हो। इससे पहले सी.डी. देशमुख और डॉ. मनमोहन सिंह भी आरबीआई गवर्नर रहने के बाद वित्त मंत्री बन चुके हैं।
चुनावी समीकरणों पर भी रहेगा फोकस
विश्लेषकों का मानना है कि संभावित कैबिनेट विस्तार में आगामी उत्तर प्रदेश, पंजाब और अन्य राज्यों के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की जा सकती है। भाजपा हाल ही में उत्तर प्रदेश संगठन में भी सामाजिक प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए बदलाव कर चुकी है। इसी रणनीति की झलक केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी देखने को मिल सकती है।
पंजाब से किसी नए सिख चेहरे को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की भी अटकलें लगाई जा रही हैं। महाराष्ट्र और पूर्वी भारत से भी नए प्रतिनिधित्व की संभावनाएं जताई जा रही हैं ताकि विभिन्न राज्यों में पार्टी का राजनीतिक संदेश मजबूत किया जा सके।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
फिलहाल कैबिनेट फेरबदल को लेकर किसी भी नाम या मंत्रालय में बदलाव की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। केंद्र सरकार या भाजपा नेतृत्व की ओर से कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में सभी चर्चाएं राजनीतिक अटकलों और सूत्रों पर आधारित हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या मानसून सत्र से पहले मोदी सरकार वास्तव में बड़ा फेरबदल करती है या फिर मौजूदा मंत्रिमंडल के साथ ही आगे बढ़ने का फैसला लेती है।


