मणिपुर में फिर बवाल, 2 बच्चों की मौत पर भड़की हिंसा; पुलिस फायरिंग-आगजनी, 5 जिलों में इंटरनेट बंद
मृतकों की पहचान एक पांच वर्षीय लड़के और उसकी पांच महीने की बहन के रूप में हुई है। उनकी मां को गंभीर हालत में इम्फाल के राज मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह इलाका चुराचंदपुर जिले के निकट है, जो कुकी उग्रवाद का गढ़ है। मणिपुर संकट की शुरुआत इसी जिले में तीन मई, 2023 को हुई थी।

इंफाल। पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में सोमवार रात संदिग्ध कुकी उग्रवादियों द्वारा रॉकेट और मिसाइलों से किए गए हमलों में दो बच्चों की मौत हो गई और उनकी मां गंभीर रूप से घायल हो गईं। इस घटना के बाद वहां भारी विरोध-प्रदर्शन हुआ है और इलाके में हिंसा भड़क उठी है। इसे देखते हुए सुरक्षा बलों को फायरिंग करनी पड़ी। सुरक्षा बलों की इस फायरिंग में कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। इसके बाद बवाल और बढ़ गया।
इसे देखते हुए अधिकारियों ने बिष्णुपुर और उससे सटे पांच जिलों — इम्फाल पश्चिम, इम्फाल पूर्व, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर में इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाओं पर अस्थायी रोक लगा दी है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि विष्णुपुर जिले के मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में लोगों का गुस्सा तब भड़क गया, जब रात करीब 1 बजे संदिग्ध उग्रवादियों ने एक घर पर बम फेंक दिया, जिसमें पांच साल के एक लड़के और छह महीने की एक बच्ची की मौत हो गई। धमाका इतना ज़ोरदार था कि जिस कमरे में बच्चे और उनकी मां सो रहे थे, वह पूरी तरह से तबाह हो गया; इस घटना में बच्चों की मां भी घायल हो गईं।
पुलिस थाने पर हमला, आगजनी
इस घटना के विरोध में सुबह होते-होते बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और सड़कें जाम कर दीं। इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों ने वहां पुलिस पिकेट को भी निशाना बनाया और पेट्रोल पंप के पास दो तेल टैंकरों और एक ट्रक सहित कई वाहनों में आग लगा दी। प्रदर्शनकारियों ने मोइरांग पुलिस थाने के बाहर टायरों में भी आग लगा दी। पुलिस की एक अस्थायी चौकी में भी तोड़फोड़ की गई। जैसे-जैसे तनाव बढ़ता गया, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया गया।
प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फायरिंग
अधिकारियों के मुताबिक जब प्रदर्शनकारी बेकाबू होने लगे, तब उन्हें काबू में करने के लिए और उन्हें तितर बितर करने के लिए फायरिंग की गई, जिसमें कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। इसके बाद स्थिति और गंभीर हो गई लेकिन पूरे इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने के बाद हालात पर काबू पा लिया गया। हालांकि, स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। यह इलाका चुराचंदपुर जिले के निकट है, जो कुकी उग्रवाद का गढ़ है। मणिपुर संकट की शुरुआत इसी जिले में तीन मई, 2023 को हुई थी।
सुरक्षाबलों की गोलीबारी में 19 लोग घायल
स्थिति को कंट्रोल करने के लिए सुरक्षा बलों को गोलीबारी और स्मोक बम का इस्तेमाल करना पड़ा. इस दौरान कम से कम 19 लोग घायल हो गए, जिन्हें पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घटनास्थल पर एक व्यक्ति की मौत की भी खबर है। हिंसा की कवरेज कर रहे पत्रकारों को भी हालात बिगड़ने पर पास की नहर में छिपना पड़ा। बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने बिष्णुपुर जिले में कर्फ्यू लगा दिया है, जबकि अफवाहों पर रोक लगाने और हालात सामान्य करने के लिए पांच घाटी जिलों में तीन दिन के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है, वहीं धमाके और हिंसा की जांच जारी है।
मुख्यमंत्री ने की हमले की कड़ी निंदा
मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे बर्बर कृत्य और मानवता पर सीधा हमला करार दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस घटना के लिए ज़िम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी और कानून के तहत उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा, यह बर्बर कृत्य मानवता पर सीधा हमला है और मणिपुर में लंबे समय से कायम शांति को भंग करने का प्रत्यक्ष प्रयास है। मैं इसकी घोर निंदा करता हूं। इसमें कोई संदेह नहीं है कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी, उन्हें ढूंढा जाएगा और कानून के तहत कड़ी सजा दी जाएगी।
ऐसे आतंकी कृत्यों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री वाई खेमचंद घायल महिला की स्थिति का जायजा लेने के लिए राज पॉलीक्लिनिक पहुंचे। उन्होंने पीड़ित महिला को सर्वोत्तम चिकित्सा देखभाल और सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।


