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काकोली घोष का बड़ा दावा: बागी गुट में सांसदों की संख्या 22 पहुंची, स्पीकर से मिलेंगे

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की बागी सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने रविवार को दावा किया कि उनकी अगुवाई वाले पार्टी के बागी गुट में अब केवल 20 नहीं बल्कि कुल 22 सांसद शामिल हो चुके हैं।

काकोली घोष का बड़ा दावा: बागी गुट में सांसदों की संख्या 22 पहुंची, स्पीकर से मिलेंगे
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कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की बागी सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने रविवार को दावा किया कि उनकी अगुवाई वाले पार्टी के बागी गुट में अब केवल 20 नहीं बल्कि कुल 22 सांसद शामिल हो चुके हैं।

काकोली घोष ने यह दावा उस समय किया जब वह दिल्ली के लिए रवाना हो रही थीं। खबर है कि तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक दिल्ली में होने वाली है।

काकोली घोष ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें सोमवार को मिलने का समय दिया है। बागी सांसद सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर उन्हें एक पत्र सौंपेंगे और संसद में अलग ब्लॉक (गुट) के गठन की मांग करेंगे।

शनिवार को कोलकाता उत्तर से सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय भी बागी गुट में शामिल हो गए थे, जिसके बाद बागी सांसदों की संख्या 20 बताई जा रही थी।

बागी सांसदों के एक वर्ग के सूत्रों के अनुसार पहले यह बैठक रविवार को कोलकाता में प्रस्तावित थी, लेकिन बाद में इसे दिल्ली में आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के भी इस बैठक में शामिल होने की संभावना जताई गई थी। हालांकि, बताया गया कि अधिकारी दिल्ली नहीं जा रहे हैं क्योंकि उन्हें दीघा में एक कार्यक्रम में शामिल होना है।

दिल्ली जाते समय काकोली घोष ने दावा किया कि दो और सांसद बागी तृणमूल गुट में शामिल होने जा रहे हैं।

एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, "मैं एक बैठक के लिए दिल्ली जा रही हूं। हमारे साथ कुल 22 लोग हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने सोमवार को मिलने का समय दिया है। हम उनसे मिलकर अलग ब्लॉक के गठन की औपचारिक मांग करेंगे।"

हालांकि काकोली घोष ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे दो सांसद कौन हैं, जो दिल्ली पहुंचकर बागी गुट में शामिल होंगे।

उन्होंने कहा कि जब वे सांसद औपचारिक रूप से बागी गुट का हिस्सा बन जाएंगे तो मीडिया को इसकी जानकारी दे दी जाएगी।

उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल में पिछले चार-पांच वर्षों में जो स्थिति बनी है, उसके खिलाफ जिन्होंने ईमानदारी से अपनी राय रखी है, उनसे संपर्क किया गया है। हमारे गुट की संख्या अब 22 हो गई है।"

हाल ही में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद से तृणमूल कांग्रेस में लगातार उथल-पुथल की स्थिति बनी हुई है।

एक जून को लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल में विभाजन के संकेत साफ तौर पर सामने आए थे। पार्टी के अधिकांश सांसदों ने पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के नेतृत्व और नियंत्रण के खिलाफ बगावत कर दी थी।

जब यह सांसदों की बगावत सार्वजनिक हुई थी, उस समय ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी दिल्ली में मौजूद थे।

एक जून को ही बागी गुट की प्रमुख नेता काकोली घोष ने दावा किया था कि उनके साथ लगभग 20 सांसदों का समर्थन है और वे केंद्र की भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार का समर्थन करना चाहते हैं।

इसी बीच शुक्रवार को एक दस्तावेज सार्वजनिक हुआ, जिस पर तृणमूल कांग्रेस के 19 सांसदों के हस्ताक्षर थे।

इस दस्तावेज पर सबसे पहला हस्ताक्षर काकोली घोष का था, जबकि दूसरा हस्ताक्षर शताब्दी रॉय का था। इसके अलावा बापी हल्दार, शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी, जगदीश बसुनिया, असीत माल, अरूप चक्रवर्ती, कालिपदा सोरेन, दीपक अधिकारी उर्फ देव, जून मालिया, पार्थ भौमिक, खलीलुर रहमान, अबू ताहेर खान, यूसुफ पठान, मिताली बाग और माला रॉय के हस्ताक्षर भी मौजूद थे।

पार्टी सांसद रचना बनर्जी और सायोनी घोष ने भी बाद में अलग से इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे।

बागी सांसदों के सूत्रों के अनुसार इन 19 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर काकोली घोष दस्तिदार के नेतृत्व में उन्हें अलग संसदीय ब्लॉक के रूप में मान्यता देने की मांग की है।

हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि लोकसभा अध्यक्ष को यह पत्र मिला है या नहीं और यदि मिला है तो कब प्राप्त हुआ।

बागी सांसदों के सूत्र पहले ही संकेत दे चुके हैं कि उन्होंने भाजपा नीत एनडीए गठबंधन का समर्थन करने का फैसला किया है।

काकोली घोष का दावा है कि लोकसभा अध्यक्ष ने सोमवार को उन्हें मिलने का समय दिया है, जहां वे अलग संसदीय ब्लॉक के गठन की औपचारिक मांग करेंगे।

शनिवार को सुदीप बंद्योपाध्याय के बागी गुट में शामिल होने के बाद सांसदों की संख्या 20 हो गई थी। अब काकोली घोष के 22 सांसदों के दावे के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर वे दो नए सांसद कौन हैं, जिन्होंने बागी गुट का समर्थन किया है।

फिलहाल जिन आठ बागी सांसदों के हस्ताक्षर सामने आए दस्तावेज में नहीं हैं, उनमें अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी, सौगत रॉय, महुआ मोइत्रा, कीर्ति आजाद, शत्रुघ्न सिन्हा, प्रतिमा मंडल और सजदा अहमद शामिल हैं।



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