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बंगाल में बच्ची की हत्या के बाद सियासत गरम, 'ममता बनर्जी हाउस अरेस्ट ; TMC ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

बारुईपुर रेप-हत्या मामले के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई। TMC ने ममता बनर्जी को हाउस अरेस्ट करने का आरोप लगाया, भाजपा ने दावों को खारिज किया। जानिए पूरा घटनाक्रम।

बंगाल में बच्ची की हत्या के बाद सियासत गरम, ममता बनर्जी हाउस अरेस्ट ; TMC ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची की कथित दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले ने राज्य की राजनीति को भी गरमा दिया है। घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने दावा किया कि पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात कर उन्हें बारुईपुर जाने से रोकने की कोशिश की गई। पार्टी ने इसे "हाउस अरेस्ट" और "सुपर इमरजेंसी" जैसी स्थिति बताया, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार करार दिया है।

टीएमसी नेताओं ने केंद्र और प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

टीएमसी सांसद डोला सेन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इतनी संवेदनशील घटना के बाद ममता बनर्जी पीड़ित परिवार से मिलने जाना चाहती थीं, लेकिन उनके आवास के बाहर भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग कर दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या एक पूर्व मुख्यमंत्री को घर से बाहर निकलने से रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप है।

वहीं पार्टी नेता कुणाल घोष ने भी आरोप लगाया कि जैसे ही ममता बनर्जी के दौरे की जानकारी प्रशासन को मिली, उनके घर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। हालांकि पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

अभिषेक बनर्जी ने महिला सुरक्षा पर भाजपा को घेरा

टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने इस घटना को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा का दावा करने वाली भाजपा गंभीर अपराधों पर जवाबदेही तय करने में विफल रही है। उनके मुताबिक यदि अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने का संदेश जाता है तो न्याय व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं।

टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पूछा कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर भारी पुलिस बल और रूट मार्च की आवश्यकता आखिर क्यों पड़ी। पार्टी ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।

बारुईपुर में बच्ची की हत्या के बाद हिंसा, चार आरोपी गिरफ्तार

जानकारी के अनुसार, 11 वर्षीय बच्ची शनिवार को अपने दोस्त के जन्मदिन के लिए उपहार खरीदने घर से निकली थी, जिसके बाद वह लापता हो गई। अगले दिन सूर्यापुर हाट इलाके में एक बोरे से उसका शव बरामद हुआ। प्रारंभिक आरोपों में बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया, सड़कें जाम कीं और कई स्थानों पर पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की। इस दौरान भीड़ ने एक संदिग्ध की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।

भाजपा ने टीएमसी के आरोपों को बताया राजनीतिक ड्रामा

भाजपा नेताओं ने टीएमसी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ममता बनर्जी को पहले से ही जेड-प्लस सुरक्षा प्राप्त है और उनके आवास के बाहर पुलिस की मौजूदगी सुरक्षा व्यवस्था का सामान्य हिस्सा है। भाजपा का आरोप है कि टीएमसी इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रही है।

उधर प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल बारुईपुर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।


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