ममता बनर्जी के काफिले पर हमले के बाद सियासत गरम, शुभेंदु अधिकारी बोले- ‘वहां BJP का कोई नहीं था’
ममता बनर्जी के हलीशहर दौरे के दौरान काफिले के विरोध के बाद बंगाल की राजनीति गरमा गई। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मौके पर BJP का कोई कार्यकर्ता नहीं था।

ममता बनर्जी यहां एक मृत टीएमसी कार्यकर्ता के परिजनों से मिलने जा रही थीं। घटना को लेकर भाजपा और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
शुभेंदु अधिकारी बोले- प्रदर्शन में भाजपा का कोई कार्यकर्ता नहीं था
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने घटना में पार्टी की किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया। उन्होंने दावा किया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान मौके पर न तो भाजपा का कोई कार्यकर्ता मौजूद था और न ही पार्टी का झंडा दिखाई दिया। उनके मुताबिक, प्रदर्शन स्थानीय लोगों के गुस्से का परिणाम था।
शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार को लेकर जनता में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि अगर लोग उन्हें ‘चोर’ कह रहे हैं तो यह जनता की प्रतिक्रिया है।
‘अभया’ के परिवार से मिलने का भी उठाया सवाल
शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी से आरजी कर मामले की पीड़िता ‘अभया’ के परिवार से मिलने को लेकर भी सवाल किया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को पीड़िता के परिवार से मिलकर माफी मांगनी चाहिए थी।
भाजपा नेता ने दावा किया कि ममता चाहतीं तो पीड़िता की मां से मिलकर अपनी बात रख सकती थीं। उनका यह बयान राज्य की राजनीति में पहले से संवेदनशील आरजी कर मामले को लेकर विवाद को फिर हवा देने वाला माना जा रहा है।
ममता ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
ममता बनर्जी ने काफिले के विरोध को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ प्रदर्शन के लिए ‘गुंडों’ का इस्तेमाल किया गया और पुलिस ने पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की।
ममता ने दावा किया कि पुलिस को उनके कार्यक्रम की जानकारी पहले से थी, इसके बावजूद सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त नहीं थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मृत टीएमसी कार्यकर्ता के परिवार को भाजपा समर्थकों की ओर से धमकाया जा रहा था।
कांग्रेस ने भी की घटना की निंदा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने ममता बनर्जी के काफिले पर कथित हमले की निंदा की। उन्होंने भाजपा पर पश्चिम बंगाल में डर और अराजकता का माहौल बनाने का आरोप लगाया। गहलोत ने इसे राजनीतिक बदले की राजनीति का उदाहरण बताया।
वहीं, ममता बनर्जी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में आने वाले दिनों में इस मुद्दे के और गरमाने के आसार हैं।


