तमिलनाडु में चुनाव से पहले बड़ा उलटफेर, द्रमुक में शामिल हो गए पूर्व सीएम ओ पन्नीरसेल्वम
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा उलटफेर हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम डीएमके में शामिल हो गए हैं। यह ना केवल एआईएडीएमके के लिए बल्कि बीजेपी के लिए भी बड़ा झटका हो सकता है।

चेन्नई। तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम डीएमके में शामिल हो गए हैं। यह ना केवल एआईएडीएमके के लिए बल्कि बीजेपी के लिए भी बड़ा झटका हो सकता है। बता दें कि इसी साल तमिलनाडु की 234 सीटों वाली विधानसभा का चुनाव होना है। पन्नीरसेल्वम तीन बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। वह पूर्व सीएम और एआईएडीएम की अध्यक्ष जय ललिता के वफादार माने जाते थे। उनके निधन के बाद पार्टी में उन्होंने बड़ी भूमिका निभाई।
हालांकि एआईएडीएमके में अंदरूनी कलह बढ़ती ही चली गई। ऐसे में पलानिस्वामी और पन्नीरसेल्वम में आपस में तनाव चरम पर पहुंच गया और संगठन में फूट पड़ गई।अन्नाद्रमुक से 2022 में निष्कासित ओ पनीरसेल्वम शुक्रवार को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की मौजूदगी में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) में शामिल हो गए। पनीरसेल्वम ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) की सुप्रीमो दिवंगत जे जयललिता के विश्वासपात्र माने जाते थे। अपने मातृ संगठन में फिर से शामिल होने के लिए तीन साल के असफल प्रयास के बाद वह द्रमुक में शामिल हो गए।
बीते दिनों उन्होंने राजनीति से संन्यास लेने तक की बात कह दी थी। ओ. पन्नीरसेल्वम ने पार्टी के कल्याण के लिए 46 वर्षों से अधिक समय तक काम करने और सभी अपमानों को धैर्यपूर्वक सहने का जिक्र करते हुए मंगलवार को कहा था कि अगर उनकी गलतियां साबित हुईं, तो वह राजनीति छोड़ देंगे। अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी का नाम लिए बिना पूर्व मुख्यमंत्री ने महासचिव के चयन के लिए पार्टी के नियमों में हाल ही में किए गए संशोधनों की आलोचना की, जिन्हें पार्टी के संस्थापक एमजी रामचंद्रन ने बनाया था।
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा था, “जब क्रांतिकारी नेता (एमजी रामचंद्रन) ने इस पार्टी की स्थापना की, तो उन्होंने इन नियमों को लिखित रूप में संहिताबद्ध किया। आप इसे बदलने वाले कौन होते हैं? मैंने यह सवाल उठाया है और मामला अब अदालत में है।” पन्नीरसेल्वम ने याद दिलाया कि अन्नाद्रमुक नेतृत्व ने उन्हें पार्टी के झंडे का इस्तेमाल न करने और पार्टी की धोती नहीं पहनने का निर्देश दिया था।
उन्होंने कहा था, मैं विधायक रहा हूं। मैं मुख्यमंत्री रहा हूं। मैं पार्टी का समन्वयक भी रहा हूं। मैंने क्या गलती की? क्या मैंने कभी किसी कार्यकर्ता पर हाथ उठाया है? अगर आप मुझे बस इतना बता दें कि मैंने क्या गलती की है, तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।


