मध्य प्रदेश विधानसभा से UCC बिल पास, शादी, तलाक और लिव-इन रिलेशनशिप के नियमों में होंगे बड़े बदलाव
मध्य प्रदेश विधानसभा ने यूसीसी (Uniform Civil Code) विधेयक 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। नए कानून में विवाह, तलाक, बहुविवाह, तीन तलाक और लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं।

विपक्ष का विरोध, सरकार ने कराया बिल पारित
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने यूसीसी विधेयक को विस्तृत समीक्षा के लिए सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 29 के तहत अल्पसंख्यकों को मिले अधिकारों के विपरीत है और इसे राजनीतिक उद्देश्य से लाया गया है।
हालांकि, सरकार ने विपक्ष की मांग स्वीकार नहीं की और ध्वनिमत से विधेयक को पारित करा लिया। इससे पहले सोमवार को सरकार ने यह विधेयक विधानसभा में पेश किया था, जबकि रविवार को राज्य मंत्रिमंडल इसकी रूपरेखा को पहले ही मंजूरी दे चुका था।
यूसीसी कानून में क्या होंगे प्रमुख प्रावधान?
पारित विधेयक में सभी धर्मों के लिए विवाह और तलाक के पंजीकरण को अनिवार्य बनाने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा बहुविवाह पर रोक लगाने का भी प्रावधान शामिल है।
विधेयक के अनुसार, तीन तलाक और निकाह हलाला जैसी प्रथाओं को दंडनीय अपराध माना जाएगा। वहीं, लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों को एक महीने के भीतर अपने संबंध का पंजीकरण कराना होगा। ऐसा नहीं करने पर तीन महीने तक की जेल या अन्य कानूनी कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।
सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना और पारिवारिक मामलों में एकरूपता लाना है।
सदन में हंगामे के बीच हुई चर्चा
यूसीसी विधेयक पर चर्चा से पहले कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से जुड़े कथित भूमि सौदों के मुद्दे पर सदन में हंगामा किया। इसके बावजूद विधानसभा की कार्यवाही आगे बढ़ी और बाद में यूसीसी विधेयक पर चर्चा के बाद इसे पारित कर दिया गया।
मध्य प्रदेश सरकार का दावा है कि नया कानून सामाजिक समानता और कानूनी पारदर्शिता को बढ़ावा देगा, जबकि विपक्ष का कहना है कि विधेयक के कुछ प्रावधानों पर व्यापक चर्चा और कानूनी समीक्षा की आवश्यकता थी।


