LPG संकट पर संसद में भी बरपा हंगामा, कांग्रेस बोली- झूठी बातें कर रही सरकार; बढ़ा संकट
कांग्रेस लीडर ने कहा कि सरकार की ओर से गैस एजेंसियों को साफ हिदायत दी गई है कि कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई ना करें। इसके चलते देश में गैस की किल्लत बढ़ी है। ढाबे, रेस्तरां और होटल बंद होने की कगार पर हैं। हालात हर दिन बिगड़ रहे हैं और सरकार जनता से झूठ बोलने में जुटी है।

नई दिल्ली। एलपीजी संकट पर संसद में भी हंगामा बरपा है। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सांसद ने इस पर विरोध जताया और सरकार पर आरोप लगाया कि उसकी ओर से गलत जानकारी दी जा रही है। हंगामा ऐसा बरपा की लोकसभा की कार्यवाही को ही स्थगित करना पड़ा। इस बीच कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार एलपीजी की कमी पर झूठ बोल रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से गैस एजेंसियों को साफ हिदायत दी गई है कि कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई ना करें। इसके चलते देश में गैस की किल्लत बढ़ी है। ढाबे, रेस्तरां और होटल बंद होने की कगार पर हैं। हालात हर दिन बिगड़ रहे हैं और सरकार जनता से झूठ बोलने में जुटी है।
कांग्रेस ने सदन के बाहर भी प्रदर्शन किया
इस मामले पर कांग्रेस ने सदन के बाहर भी प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन में कांग्रेस की सांसद प्रियंका गांधी भी शामिल रहीं। वेणुगोपाल ने कहा, 'गैस एजेंसियों को आदेश दिया गया है कि वे कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई ना दें। हालात दिन प्रति दिन बिगड़ रहे हैं। सरकार जनता से झूठ बोल रही है।' वहीं कांग्रेस के अन्य सांसद जेबी माथेर ने कहा कि यह सरकार एलपीजी गैस के संकट से निपटने में विफल रही है।
उन्होंने कहा कि यह सरकार हमेशा डिमांड और सप्लाई का सिद्धांत बताते हुए महंगाई बढ़ने को जस्टिफाई करती रही है। उन्होंने कहा कि पहले हवाई किरायों में तेजी से इजाफा हुआ। इसे रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं हुए और सरकार ने इससे पूरी तरह पल्ला ही झाड़ लिया। एयरलाइंस ने मनमाने तरीके से दामों में इजाफा किया।
एलपीजी की अब कालाबाजारी हो रही
दरअसल एलपीजी को लेकर संकट ऐसा गहरा गया है कि देश के ज्यादातर हिस्सों में पैनिक के हालात हैं। एलपीजी की अब कालाबाजारी हो रही है। ऐसे लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो गैस की सप्लाई पर्याप्त ना होने की शिकायत कर रहे हैं। बेंगलुरु, चेन्नै, मुंबई और दिल्ली समेत देश के ज्यादातर शहरों में रेस्तरां और होटल संकट से गुजर रहे हैं। उनका कहना है कि हमारे पास एलपीजी की कमी है। ऐसी स्थिति में हम सेवाएं नहीं दे सकते।
गली-गली में सप्लाई घटने का असर, चाय पीना भी हुआ महंगा
यही नहीं इसका असर गली-गली में दिख रहा है और चाय तक के दामों में इजाफा हो गया है। विपक्ष का कहना है कि अभी तो सरकार ने कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई पर ब्रेक लगाया है। यदि ऐसी ही स्थिति जारी रही तो फिर घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई भी बाधित होगी। बता दें कि सरकार ने एलपीजी संकट से निपटने के लिए एस्मा लागू कर दिया है। इसके तहत सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडरों और सीएनजी को प्राथमिकता में रखा है। वहीं उद्योगों को मिलने वाली गैस और कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई थोड़ी घटाने की बात कही गई है।


