मानसून सत्र से पहले लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक, कई अहम विधेयकों पर चर्चा का समय तय
मानसून सत्र से पहले लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में FCRA, आयकर, MSME और राष्ट्रीय सम्मान संशोधन समेत कई विधेयकों पर चर्चा का समय तय किया गया। जानिए पूरा एजेंडा।

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत 20 जुलाई से होने जा रही है। इससे पहले रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। आगामी सत्र के विधायी एजेंडे, प्रमुख विधेयकों पर चर्चा के समय और सदन की कार्यवाही को लेकर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। लोकसभा अध्यक्ष ने सभी दलों से रचनात्मक सहयोग की अपील करते हुए कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और इसकी गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
इन प्रमुख विधेयकों पर होगी चर्चा
बैठक में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के लिए समय निर्धारित किया गया। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी के अनुसार विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (FCRA), 2026 पर 4 घंटे, आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 पर 4 घंटे, सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पर 4 घंटे, जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 पर 4 घंटे तथा राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 पर भी 4 घंटे चर्चा होगी। वहीं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विकास संशोधन विधेयक, 2026 पर 5 घंटे चर्चा के लिए निर्धारित किए गए हैं।
सरकार का फोकस महत्वपूर्ण विधेयकों पर
सरकार मानसून सत्र के दौरान कई अहम विधेयकों को संसद में पेश कर पारित कराने की तैयारी में है। इनमें विदेशी चंदा नियमन, आयकर सुधार, सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने, जन्म-मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था को आधुनिक बनाने, राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानूनों में संशोधन और एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने वाले प्रस्ताव प्रमुख हैं।
ओम बिरला ने की सहयोग की अपील
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि संसद में जनहित के मुद्दों पर गंभीर और सार्थक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने सभी सांसदों से संसदीय परंपराओं का सम्मान करने और सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण ढंग से चलाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि रचनात्मक बहस से ही लोकतंत्र मजबूत होता है और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरा जा सकता है।
रिजिजू बोले- हंगामा नहीं होगा तो विधेयकों पर होगी चर्चा
बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार विपक्ष के सुझावों का स्वागत करती है और कई महत्वपूर्ण विधेयक चर्चा के लिए तैयार हैं। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि सदन की कार्यवाही में व्यवधान न डालें, ताकि सभी विधेयकों पर पर्याप्त चर्चा हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि पहले दिन कौन-कौन से विधेयक पेश किए जाएंगे, इसका निर्णय संसदीय कार्यक्रम के अनुसार होगा।
विपक्ष ने उठाए कई मुद्दे
लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने कहा कि विपक्ष विधायी कार्यों में सहयोग देने को तैयार है, लेकिन सरकार को भी राम मंदिर, नीट परीक्षा, एथेनॉल नीति और अन्य जनहित के मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार रहना चाहिए। उनका आरोप था कि सरकार महत्वपूर्ण विषयों पर बहस से बचने की कोशिश कर रही है।
वहीं टीएमसी के बागी सांसदों को अलग मान्यता दिए जाने के मुद्दे पर भी विपक्ष ने नाराजगी जताई। विपक्षी दलों ने इसे संसदीय परंपराओं के विपरीत बताते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
'वंदे मातरम्' को कानूनी संरक्षण देने की तैयारी
मानसून सत्र के पहले दिन केंद्र सरकार राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश कर सकती है। प्रस्तावित संशोधन के तहत राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को भी राष्ट्रगान के समान कानूनी संरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। यदि विधेयक पारित होता है तो 'वंदे मातरम्' के अपमान या उसके गायन में बाधा डालने पर भी कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी।
13 अगस्त तक चलेगा मानसून सत्र
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान सरकार कई अहम विधेयक पेश करेगी, जबकि विपक्ष महंगाई, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। ऐसे में यह सत्र राजनीतिक और विधायी दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


