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लोकसभा हंगामे पर भाजपा की महिला सांसदों ने विपक्ष को घेरा, कार्रवाई की मांग

लोकसभा में बजट सत्र में विपक्ष के हंगामे पर भाजपा की महिला सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा है। भाजपा सांसदों ने विपक्ष पर सदन की मर्यादाओं का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

लोकसभा हंगामे पर भाजपा की महिला सांसदों ने विपक्ष को घेरा, कार्रवाई की मांग
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नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में हुए हंगामे और अमर्यादित व्यवहार को लेकर बीजेपी की महिला सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से विपक्ष पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। भाजपा की महिला सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने 4 फरवरी 2026 को सदन में हुए हंगामे को "लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला पल" बताया है।

भाजपा महिला सांसदों ने अपने पत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जिक्र किया। इस पत्र में आरोप लगाया गया है कि विपक्षी दलों के सदस्यों ने सदन की सभी मर्यादाओं का उल्लंघन किया है। पत्र में भाजपा सांसदों ने लिखा, पूरे देश ने देखा कि विपक्षी सदस्य न सिर्फ सदन के वेल में घुस आए, बल्कि वे सदन की मेज (टेबल) पर चढ़ गए, सरकारी कागजात फाड़ दिए और उन्हें अध्यक्ष की कुर्सी की ओर फेंका। ये हमारे लोकतांत्रिक संस्थानों को दागदार करने वाला है।

प्रधानमंत्री की सीट घेरने पर जताई आपत्ति

पत्र में कुछ महिला विपक्षी सांसदों पर आक्रामक व्यवहार करने और सत्ता पक्ष (ट्रेजरी बेंच) की सीमा का उल्लंघन करने का आरोप है। भाजपा सांसदों ने दावा किया कि विपक्षी सदस्यों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर माननीय प्रधानमंत्री की सीट को घेर लिया, बल्कि वो वरिष्ठ मंत्रियों की सीट तक भी पहुंच गए।

लोकसभा स्पीकर का अनादर करने का आरोप

महिला सांसदों ने कहा कि विपक्षी सांसदों की ऐसे बर्ताव के बावजूद उन्होंने धैर्य बनाए रखा। उन्होंने बताया कि सदन स्थगित होने के बाद विपक्षी सांसद आक्रामक तरीके से स्पीकर के चैंबर की ओर बढ़े और वहां भी शोर-शराबा किया। भाजपा सांसदों ने चैंबर से आ रही तेज आवाजों को स्पीकर का घोर अनादर बताया।

क्या बोले थे लोकसभा स्पीकर?

इससे पहले विगत पांच फरवरी को स्पीकर ओम बिरला ने कहा था कि जिस तरह का माहौल उस दिन लोकसभा में बना, उसमें कोई भी अप्रिय और अप्रत्याशित घटना घट सकती थी। उन्होंने साफ कहा कि ऐसा व्यवहार संसद की गरिमा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के बिल्कुल विपरीत था। लोकसभा में पीएम मोदी शाम 5 बजे बोलने वाले थे।

लेकिन बैठक शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया, करीब 8 से 10 महिला सांसद, जिनमें कांग्रेस की तीन महिला सांसद शामिल थीं, पीएम की सीट के पास पहुंच गईं। वे बैनर लेकर खड़ी हो गईं। इससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई। जिस पर स्पीकर ने सदन को स्थगित कर दिया। पीएम सदन में नहीं आए और भाषण रद्द हो गया। अगले दिन स्पीकर ने सदन में कहा कि अनहोनी हो सकती थी, इसलिए उन्होंने पीएम को सदन में आने से रोका। विपक्ष ने ऐसे आरोपों को खारिज करते हुए केवल इसे अपना विरोध बताया।

संसद में गतिरोध

बता दें कि लोकसभा में बीते लगभग एक सप्ताह से कामकाज ठप है। लोकसभा से आठ सांसदों के निलंबन और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के वक्तव्य को कथित तौर पर रोके जाने के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्षी दलों के बीच गतिरोध बरकरार है।


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