कश्मीर में आतंकियों का कायराना हमला: छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत, 10 दिनों में तीसरी जान गई
कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों ने छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी। 10 दिनों में तीसरी मौत के बाद सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

10 दिनों में तीसरी मौत, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
यह हमला दक्षिण कश्मीर में पिछले 10 दिनों के भीतर हुई तीसरी मौत का मामला है। इससे पहले 22 जुलाई को अनंतनाग जिले में अमरनाथ यात्रा ड्यूटी पर तैनात जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक जवान की आतंकियों ने नजदीक से गोली मारकर हत्या कर दी थी। अब कुलगाम में दो प्रवासी मजदूरों की हत्या ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है।
अधिकारियों के मुताबिक, हमले के तुरंत बाद दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। एक मजदूर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे को बेहतर इलाज के लिए श्रीनगर रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
दो साल बाद प्रवासी मजदूरों पर बड़ा आतंकी हमला
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, कश्मीर में बाहरी मजदूरों पर करीब दो वर्षों बाद यह पहला बड़ा आतंकी हमला है। इससे पहले अक्टूबर 2024 में बिहार के बांका जिले के निवासी अशोक चौहान की शोपियां जिले में आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
ताजा हमले के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर आतंकियों की तलाश तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार या निष्क्रिय करने के लिए संयुक्त अभियान जारी है।
उपराज्यपाल ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात और अन्य वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने सुरक्षा बलों को आतंकियों के खिलाफ अभियान और तेज करने तथा दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ने के निर्देश दिए।
उपराज्यपाल ने कहा कि निर्दोष मजदूरों पर हमला कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन और पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
महबूबा मुफ्ती ने भी जताया दुख
पीडीपी प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि रोजी-रोटी कमाने के लिए घर से दूर आए मजदूरों को निशाना बनाना बेहद क्रूर और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं मानवता के खिलाफ अपराध हैं।


