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‘भारत में बांग्लादेश-फ्रांस जैसी हिंसा फैलाने की थी योजना’, किरेन रिजिजू का दावा, विपक्ष पर साधा निशाना

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि भारत में भी बांग्लादेश और फ्रांस जैसी हिंसा फैलाने की साजिश रची गई थी। उन्होंने विपक्ष और कथित भारत-विरोधी ताकतों पर निशाना साधा।

‘भारत में बांग्लादेश-फ्रांस जैसी हिंसा फैलाने की थी योजना’, किरेन रिजिजू का दावा, विपक्ष पर साधा निशाना
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नई दिल्ली। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भारत में विरोध प्रदर्शनों और कथित हिंसा की साजिश को लेकर बड़ा दावा किया है। सोशल मीडिया मंच X पर एक पोस्ट के जरिए उन्होंने आरोप लगाया कि भारत में भी बांग्लादेश और फ्रांस जैसी हिंसा फैलाने की योजना बनाई गई थी। रिजिजू ने दावा किया कि कुछ राजनेताओं और भारत-विरोधी समूहों ने युवाओं को भड़काने की कोशिश की। हालांकि, उनके इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि के लिए कोई ठोस सबूत इस खबर में उपलब्ध नहीं है।

‘भारत बांग्लादेश या फ्रांस नहीं है’

रिजिजू ने अपनी पोस्ट में कहा कि बांग्लादेश में हुई हिंसा और फ्रांस में दंगों, आगजनी तथा लूटपाट जैसी घटनाओं के समान हालात भारत में पैदा करने की कथित योजना बनाई गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को उकसाकर सड़कों पर हिंसा फैलाने की कोशिश की जा रही थी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन लोकतांत्रिक चुनावों के जरिए ही हो सकता है, किसी बाहरी व्यक्ति या कथित साजिश के माध्यम से नहीं। उन्होंने अमेरिकी कारोबारी जॉर्ज सोरोस का नाम लेते हुए भी टिप्पणी की और कहा कि भारत की राजनीतिक व्यवस्था का फैसला देश के मतदाता करते हैं।

रिजिजू ने अपनी पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा किया। उनके साझा किए गए वीडियो में नेहा बोरा की बांग्लादेश के युवाओं को धन्यवाद देने वाली क्लिप, प्रशांत भूषण का ‘रिजीम चेंज’ से संबंधित बयान और जुलाई-अगस्त के प्रदर्शनों के दृश्य शामिल बताए गए हैं।

15 अक्टूबर को भी विपक्ष पर किया था हमला

रिजिजू इससे पहले 15 अक्टूबर को भी सोशल मीडिया पर विपक्ष और प्रदर्शनकारियों को लेकर टिप्पणी कर चुके हैं। उस पोस्ट में उन्होंने एक तरफ संविधान में विश्वास रखने वाले लोगों और देशभक्त भारतीयों का उल्लेख किया था, जबकि दूसरी तरफ कथित अराजकतावादी ताकतों को रखा था।

उन्होंने आरोप लगाया था कि देश में भारत-विरोधी ताकतें माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, उनके बयान में जिन समूहों पर आरोप लगाए गए, उनकी पहचान और कथित गतिविधियों के समर्थन में स्वतंत्र रूप से सत्यापित साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं।

‘रिजीम चेंज’ के बयान पर भी जताई थी आपत्ति

17 अक्टूबर को रिजिजू ने ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता या शासन व्यवस्था में बदलाव की बात करने वालों पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि भारत की तुलना बांग्लादेश से नहीं की जा सकती और भारतीय युवा देश को नुकसान पहुंचाने के बजाय उसके निर्माण में योगदान देंगे।

केंद्रीय मंत्री ने युवाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे खेल, कौशल विकास, नवाचार, स्टार्टअप, तकनीक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं। उनके मुताबिक, युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल देश के विकास के लिए होना चाहिए।

राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी चर्चा

रिजिजू के ताजा बयान ने भारत में विरोध प्रदर्शनों, राजनीतिक असहमति और विदेशी प्रभाव को लेकर बहस को फिर तेज कर दिया है। एक ओर मंत्री ने हिंसा की कथित साजिश का आरोप लगाया है, वहीं ऐसे गंभीर दावों का आकलन करने के लिए स्वतंत्र प्रमाण और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण है।

फिलहाल, उनके दावे को लेकर उपलब्ध जानकारी में किसी स्वतंत्र जांच या आधिकारिक निष्कर्ष का उल्लेख नहीं है। इसलिए इसे स्थापित तथ्य के बजाय केंद्रीय मंत्री द्वारा लगाए गए आरोप के रूप में देखा जाना चाहिए।


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