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केतन मर्डर केस में बड़ा खुलासा: सिया गोयल के भाई को पहले से थी प्रेम संबंध की जानकारी, जांच में सामने आए नए तथ्य

पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में बड़ा खुलासा। सिया गोयल के भाई ने प्रेम संबंध की जानकारी होने की बात स्वीकार की। पुलिस डिजिटल सबूत, फोरेंसिक रिपोर्ट और मोबाइल डेटा के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।

केतन मर्डर केस में बड़ा खुलासा: सिया गोयल के भाई को पहले से थी प्रेम संबंध की जानकारी, जांच में सामने आए नए तथ्य
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पुणे। महाराष्ट्र के पुणे जिले के लोनावला स्थित लोहगढ़ किले में रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। शुरुआत में हादसा माने जा रहे इस मामले में अब पुलिस इसे सुनियोजित हत्या बता रही है। इस मामले में मृतक की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब सिया के भाई साहिल गोयल से हुई लंबी पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं।

भाई को पहले से थी रिश्ते की जानकारी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सिया के भाई साहिल गोयल से करीब 10 घंटे तक पूछताछ की गई। इस दौरान उसने बताया कि उसे कई महीने पहले ही सिया और चेतन चौधरी के बीच प्रेम संबंध की जानकारी मिल गई थी। साहिल ने अपनी बहन को चेतन से दूरी बनाने और केतन के साथ तय विवाह को निभाने की सलाह भी दी थी। हालांकि, उसके समझाने के बावजूद दोनों का संपर्क बना रहा।

पुलिस के मुताबिक, साहिल और चेतन की दोस्ती वर्ष 2024 में क्रिकेट खेलने के दौरान हुई थी। इसी माध्यम से चेतन की मुलाकात सिया से हुई और बाद में दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।

जांच में सामने आया नया एंगल

जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि सगाई के बाद सिया को केतन के हेयर पैच (विग) इस्तेमाल करने की जानकारी मिली थी। इस संबंध में पुलिस विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। वहीं, केतन के परिवार का कहना है कि विवाह तय होने से पहले ही उन्होंने गोयल परिवार को इस विषय की पूरी जानकारी दे दी थी और यह कोई छिपाई गई बात नहीं थी।

पुलिस फिलहाल इस पहलू को भी अन्य साक्ष्यों के साथ जोड़कर जांच रही है। अधिकारियों का कहना है कि हत्या के पीछे वास्तविक मकसद का निर्धारण सभी डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।

मोबाइल से चैट डिलीट, फोरेंसिक जांच जारी

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने घटना से पहले और बाद में अपने मोबाइल फोन से व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड मिटाने की कोशिश की। यहां तक कि फोन के रीसायकल बिन को भी खाली कर दिया गया था ताकि कोई सबूत न बच सके।

दोनों मोबाइल फोन फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) भेजे गए हैं, जहां डिलीट किया गया डेटा रिकवर करने की प्रक्रिया चल रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि डिजिटल साक्ष्यों से घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

सरकार ने फास्ट-ट्रैक सुनवाई का दिया भरोसा

मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मृतक के पिता विशाल अग्रवाल से मुलाकात कर त्वरित न्याय का भरोसा दिया है। राज्य सरकार ने इस मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

साथ ही वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने की घोषणा की गई है। सरकार का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और तेज सुनवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिल सके।

पुलिस फिलहाल फोरेंसिक रिपोर्ट, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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