केतन अग्रवाल हत्याकांड: गूगल सर्च, कथित रिहर्सल और क्राइम सीन रीक्रिएशन से जांच में नए सवाल
केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में गूगल सर्च, डिजिटल सबूत और कथित क्राइम सीन रीक्रिएशन जैसे नए पहलू सामने आए हैं। पुणे पुलिस ने लोहागढ़ किले पर आरोपियों को लेकर घटनाक्रम दोबारा समझने की कोशिश की।

हत्या से पहले कथित रिहर्सल की जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच में यह पहलू सामने आया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर वारदात से पहले घटनास्थल का जायजा लिया था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या 14 जून को भी कोई प्रयास किया गया था और बाद में 18 जून को कथित योजना को अंजाम दिया गया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच जारी है।
गूगल सर्च और डिजिटल गतिविधियां जांच के दायरे में
जांच एजेंसियां सिया गोयल के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि कुछ इंटरनेट सर्च और चैट रिकॉर्ड मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या घटना से पहले किसी तरह की योजना बनाई गई थी।
पुलिस यह भी देख रही है कि क्या घटना के बाद किसी डिजिटल साक्ष्य को मिटाने या बदलने की कोशिश की गई। फिलहाल फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
क्राइम सीन रीक्रिएशन में क्या होगा?
रविवार सुबह पुलिस दोनों आरोपियों को लेकर लोहागढ़ किले पहुंची। वहां पूरे घटनाक्रम को दोबारा समझने की कोशिश की गई। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया इसलिए की गई ताकि आरोपियों के बयानों का घटनास्थल से मिले भौतिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों से मिलान किया जा सके।
रीक्रिएशन के दौरान पुलिस ने यह समझने का प्रयास किया कि केतन अग्रवाल कब किले पहुंचे, चेतन चौधरी कब वहां मौजूद था और कथित तौर पर दोनों आरोपियों की गतिविधियां क्या थीं। पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई।
हुडी पहनकर पीछा करने की भी जांच
जांच में एक सीसीटीवी फुटेज भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें एक व्यक्ति हुडी पहने हुए दिखाई देता है। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या वह व्यक्ति चेतन चौधरी था और क्या उसने पहचान छिपाने की कोशिश की थी।
अधिकारियों के अनुसार यह भी देखा जा रहा है कि क्या घटनास्थल तक पहुंचने और वहां मौजूद रहने की कोई पूर्व योजना थी।
फोरेंसिक टीम जुटा रही वैज्ञानिक साक्ष्य
जिस स्थान से केतन अग्रवाल के गिरने या धक्का दिए जाने का संदेह जताया जा रहा है, वहां फोरेंसिक विशेषज्ञों ने विस्तृत जांच की। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्य इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
फोरेंसिक टीम ने स्थल से कई नमूने एकत्र किए हैं और उनकी लैब में जांच की जा रही है।
आज पर्यटकों के लिए लोहागढ़ किला बंद
क्राइम सीन रीक्रिएशन और जांच के चलते प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से लोहागढ़ किले को एक दिन के लिए आम पर्यटकों के लिए बंद रखा। पुलिस ने क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था भी की थी।
जांच अभी जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कई पहलुओं से की जा रही है और अभी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।


