Top
Begin typing your search above and press return to search.

छात्रों के कंधों पर झारखंड विधानसभा घेराव करने पहुंचे देवेंद्र महतो, तीन बैरिकेड पार कर आगे बढ़ा मार्च

झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में हजारों छात्रों ने नई विधानसभा का घेराव किया। देवेंद्र नाथ महतो भी मार्च में शामिल हुए। जानिए छात्रों की प्रमुख मांगें।

छात्रों के कंधों पर झारखंड विधानसभा घेराव करने पहुंचे देवेंद्र महतो, तीन बैरिकेड पार कर आगे बढ़ा मार्च
X

रांची। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन सोमवार को और तेज हो गया। हजारों की संख्या में छात्र पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा की ओर मार्च करते हुए घेराव के लिए आगे बढ़े। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग, कंटीले तार और सुरक्षा बलों की तैनाती की है। ड्रोन के जरिए भी पूरे इलाके पर नजर रखी जा रही है।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने तीन बैरिकेड पार कर लिए। इसके बाद पुलिस ने जगन्नाथपुर मंदिर के पास लगाए गए बैरिकेड पर उन्हें रोक दिया। बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। मौके पर वाटर कैनन समेत सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

छात्रों के कंधों पर पहुंचे देवेंद्र नाथ महतो

पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी आंदोलन में शामिल हुए। शुरुआत में वह एंबुलेंस के जरिए मार्च में पहुंचे और बाद में छात्रों ने उन्हें अपने कंधों पर उठा लिया। उनके हाथ में पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की तस्वीर भी दिखाई दी।

महतो का कहना है कि जब तक सरकार छात्रों की मांगों पर ठोस फैसला नहीं करती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने और किसी भी राजनीतिक या धार्मिक झंडे के बजाय केवल तिरंगा लेकर मार्च में शामिल होने की अपील की थी।

सीजीएल परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग

छात्रों और सरकार के बीच मुख्य विवाद JSSC CGL परीक्षा को लेकर है। प्रदर्शनकारी परीक्षा रद्द करने के साथ पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।

सरकार ने सीबीआई जांच की मांग स्वीकार नहीं की है। सरकार की ओर से सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच कराने की बात कही गई है। साथ ही वित्तीय अनियमितता सामने आने पर ईडी से जांच कराने का विकल्प भी रखा गया है। हालांकि छात्र इससे संतुष्ट नहीं हैं।

15 हजार से अधिक छात्र हुए शामिल

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, विधानसभा मार्च में अब तक 15 हजार से अधिक छात्र शामिल हो चुके हैं और राज्य के अलग-अलग जिलों से छात्रों का रांची पहुंचना जारी है। छात्रों का कहना है कि उनकी प्रमुख मांगें परीक्षा रद्द करना, निष्पक्ष जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार से जुड़ी हैं।

पुलिस ने इलाके में BNS की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक व्यवस्था लागू की है। प्रशासन लगातार छात्रों से संयम बनाए रखने की अपील कर रहा है। दूसरी ओर, भाजपा विधायकों की ओर से मुख्यमंत्री आवास के घेराव की योजना के चलते राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।

आंदोलन और सरकार के बीच बढ़ी तनातनी

छात्र नेताओं का कहना है कि सरकार ने सुधार से जुड़ी उनकी कई मांगें मानी हैं, लेकिन परीक्षा रद्द करने और जांच कराने के मुद्दे पर सहमति नहीं बनी है। उनका दावा है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन और व्यापक हो सकता है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it