जयपुर में स्कूल निरीक्षण करने पहुंचे सीजेपी कार्यकर्ताओं का विरोध, रांका ने भाजपा पर लगाया मारपीट का आरोप
जयपुर के बगरू में सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे सीजेपी कार्यकर्ताओं का ग्रामीणों ने विरोध किया। आशुतोष रांका ने भाजपा समर्थकों पर मारपीट का आरोप लगाया और स्कूल की बदहाली पर सवाल उठाए।

जयपुर। जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र स्थित रामपुरा कंवरपुरा राजकीय प्राथमिक स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के कार्यकर्ताओं को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। आरोप है कि ग्रामीणों ने कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें गांव से बाहर निकाल दिया। सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने इस घटना को लेकर भाजपा समर्थकों पर मारपीट कराने का आरोप लगाया है। हालांकि, ग्रामीणों की ओर से कहा गया कि वे स्कूल की व्यवस्था को स्थानीय स्तर पर सुधारने में सक्षम हैं और बाहरी लोगों के हस्तक्षेप का विरोध किया गया।
गांव के रास्ते पर की गई चेकिंग, कार्यकर्ताओं से हुई धक्का-मुक्की
सीजेपी कार्यकर्ताओं के पहुंचने से पहले ही रामपुरा गांव के मुख्य रास्ते पर लोगों की भीड़ जुट गई थी। आरोप है कि आने-जाने वाले वाहनों की जांच भी की जा रही थी। जैसे ही सीजेपी की टीम वहां पहुंची, ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
ग्रामीणों का कहना था कि स्कूल के विकास के लिए सरकार की ओर से करीब 12.50 लाख रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं। ऐसे में किसी राजनीतिक संगठन के कार्यकर्ताओं को स्कूल का निरीक्षण करने की जरूरत नहीं है। ग्रामीणों ने सीजेपी कार्यकर्ताओं को बाहरी बताते हुए उन्हें गांव से बाहर जाने के लिए कहा।
स्कूल की बदहाल स्थिति को लेकर सीजेपी ने उठाए सवाल
सीजेपी की टीम जयपुर के दो सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करने पहुंची थी। इनमें रामपुरा कंवरपुरा प्राथमिक स्कूल और वाटिका रोड स्थित भट्टा वाला राजकीय स्कूल शामिल थे। पार्टी का कहना है कि अभियान का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था, बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं और भवनों की स्थिति का जायजा लेना है।
सीजेपी के मुताबिक रामपुरा कंवरपुरा स्कूल की मुख्य इमारत जर्जर हालत में है। भवन की छत से जुड़ी पट्टियां क्षतिग्रस्त होने के कारण उन्हें लोहे के एंगल से सहारा दिया गया है। सुरक्षा कारणों से बच्चों को मुख्य भवन से हटाकर करीब 50 मीटर दूर एक बाड़े में पढ़ाया जा रहा है। पार्टी ने दावा किया कि बच्चे टीनशेड के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं।
शिक्षा विभाग के फैसले पर भी सीजेपी का विरोध
सीजेपी का आरोप है कि सरकारी स्कूलों के निरीक्षण के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल परिसरों में मीडिया और आम लोगों के अनावश्यक प्रवेश पर रोक लगा दी। पार्टी ने इस फैसले को लेकर सरकार पर निशाना साधा था।
आशुतोष रांका ने कहा कि निरीक्षण अभियान किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था की कमियों को सामने आने से रोकने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
रांका ने भाजपा पर लगाया गंभीर आरोप
घटना के बाद रांका ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भाजपा से जुड़े लोगों पर कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट कराने का आरोप लगाया। उन्होंने स्कूल की स्थिति को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि बच्चों को बेहतर सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। फिलहाल घटना को लेकर दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच स्थानीय स्तर पर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है।


