आईआरसीटीसी होटल घोटाला : लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने का आदेश
दिल्ली की स्पेशल कोर्ट ने शुक्रवार को आईआरसीटीसी होटल घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है।

नई दिल्ली। दिल्ली की स्पेशल कोर्ट ने शुक्रवार को आईआरसीटीसी होटल घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के तहत जांच शुरू की थी। यह जांच सीबीआई, नई दिल्ली द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर की गई थी। सीबीआई ने तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, पीसी गुप्ता और अन्य के खिलाफ आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
जांच में सामने आया कि लालू प्रसाद यादव ने रेल मंत्री रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया था। उन्होंने पुरी और रांची के रेलवे होटलों का ठेका मैसर्स सुजाता होटल प्राइवेट लिमिटेड को दे दिया था। इसके बदले में 2 एकड़ जमीन को कम कीमत पर मैसर्स डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड को ट्रांसफर करने की डील हुई थी। यह कंपनी लालू यादव के करीबी सहयोगी प्रेम चंद गुप्ता के परिवार के नियंत्रण वाली थी।
बाद में इस जमीन और कंपनी का नियंत्रण नाममात्र की कीमत पर शेयर खरीद के जरिए राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को ट्रांसफर कर दिया गया, जिससे प्रभावी रूप से जमीन का मालिकाना हक यादव परिवार के पास आ गया।
ईडी ने पीएमएलए की धारा 5 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए 44 करोड़ 75 लाख रुपए की संपत्तियों को जब्त किया था, जिसे बाद में निर्णायक प्राधिकरण ने सही ठहराया था। ईडी ने इस मामले में 24 अगस्त 2018 को राऊज एवेन्यू कोर्ट, दिल्ली के स्पेशल जज (पीसी एक्ट) सीबीआई (एमपी/एमएलए केस) के सामने अभियोजन शिकायत दर्ज की थी।
अब कोर्ट ने राबड़ी देवी, तेजस्वी प्रसाद यादव, लालू प्रसाद यादव और 6 अन्य आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए की धारा 3 के साथ धारा 4 के तहत आरोप तय करने का निर्देश दिया है।


