Gas Supply: कहीं ऑनलाइन बुकिंग में दिक्कत तो कहीं लगी लंबी लाइन, LGP गैस के लिए मचा हाहाकार
ईरान में चल रही जंग और होर्मुज स्ट्रेट पर संकट का असर अब भारत में भी दिखने लगा है। कई शहरों में LPG सिलेंडर की कमी और लंबी लाइनों के बीच लोग इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।

नई दिल्ली। भारत से करीब तीन हजार किलोमीटर दूर ईरान में चल रही जंग का असर अब भारत के किचन और उन होटलों और रेस्टोरेंट में भी महसूस किया जा रहा है, जो कमर्शियल एलजीपी सिलेंडर पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं। ईरान जंग और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से एलजीपी कुकिंग गैस की कमी हो गई है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया भर में एनर्जी का एक बड़ा जरिया है।
पिछले कुछ दिनों में LPG एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनों के वीडियो सामने आए हैं। लेकिन बेंगलुरु, चेन्नई, मुंबई, कोलकाता और लखनऊ के रेस्टोरेंट और होटलों में यह संकट और भी ज़्यादा महसूस किया जा रहा है।
देश के कई शहरों पर इसका असर भी पड़ने लगा है। दिल्ली में सिलेंडर गैस बुक नहीं हो पा रहे तो मुंबई में भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब मुंबई में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद लोगों ने खाना बनाने के लिए बिजली से चलने वाले उपकरणों की ओर रूख करना शुरू कर दिया है। बाजार में इलेक्ट्रिक कुकर, माइक्रोवेव ओवन, ओटीजी ओवन, टोस्टर, ग्रिल, इलेक्ट्रिक तवा, एयर फ्रायर, मल्टी कुकर, इलेक्ट्रिक स्टीमर और हॉट प्लेट जैसे उपकरणों की खरीद में लगातार तेजी देखी जा रही है। महाराष्ट्र के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और बिहार में भी गैस सिलेंडर को लेकर लंबी-लंबी लाइन देखी जा रही है।
दिल्ली में गैस की बुकिंग तक नहीं हो पा रही
राजधानी दिल्ली समेत एनसीआर में कई जगहों पर एलपीजी सिलेंडर नहीं मिलने की वजह से लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों की ना तो गैस बुक हो पा रही है, और ना ही उन्हें सिलेंडर मिल पा रहा है। सरकार ने कई अलग-अलग टोल फ्री नंबर गैस बुक करने के लिए जारी कर रखे हैं, लेकिन वह नंबर भी अब ठीक से काम नहीं कर रहे हैं।
ऐसा ही एक नंबर 7718955555 है। जब इस नंबर पर रियलिटी चेक करने के लिए फोन किया गया तो कभी इस पर कॉल नहीं जाती, कभी नंबर स्विच ऑफ बताता है तो कभी नंबर नॉट इन यूज बताता है। उपभोक्ता अपनी गैस बुक करने के लिए ऑनलाइन इस नंबर को डायल करते हैं, उनकी गैस भी बुक नहीं हो पा रही जिसकी वजह से वह गैस एजेंसी की तरफ रुख कर रहे हैं। गैस बुक करने के लिए ज्यादातर गैस एजेंसी के बाहर लंबी-लंबी लाइन देखी जा रही है।
वैकल्पिक साधन तलाश रहे मुंबई के लोग
मुंबई में कई जगहों पर ग्राहकों को समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में लोग सतर्क रुख अपनाते हुए खाना बनाने के लिए वैकल्पिक साधनों की तलाश कर रहे हैं और बिजली से चलने वाले रसोई उपकरणों की मांग बढ़ती जा रही है। कई व्यापारियों का कहना है कि यदि अगले एक हफ्ते में स्थिति में सुधार नहीं हुई, तो देश में ईंधन की कमी की आशंका बढ़ सकती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव को देखते हुए ईंधन आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिसके कारण आने वाले दिनों में बिजली से चलने वाले रसोई उपकरणों की मांग और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
दूसरी ओर, मुंबई के एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर और गैस एजेंसियां अब सिर्फ घरेलू इस्तेमाल के लिए ही एलपीजी सिलेंडर दे रही हैं। मुंबई के होटल और रेस्टोरेंट्स को 6 मार्च से एलपीजी की सप्लाई कम कर दी गई है अब होटल और रेस्टोरेंट्स को सप्लाई होने वाला एलपीजी 80 फीसदी तक बंद हो चुका है। एलपीजी गैस की कमी का असर अब मुंबई के पुराने और मशहूर होटलों पर भी दिखाई देने लगा है। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के बाहर फोर्ट इलाके में स्थित करीब 178 साल पुराना पंचम पुरीवाला होटल भी इस संकट से जूझ रहा है।
होटल सबसे ज्यादा प्रभावित
ईरान जंग दूसरे हफ्ते में पहुंच गई है, तो कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई में रुकावट का असर हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर पड़ने लगा है। इससे चिंता की बात सामने आई है। अगर सप्लाई में कमी जारी रही, तो आपका साधारण वड़ा पाव या मसाला डोसा जल्द ही महंगा हो सकता है, या कुछ वक्त के लिए मेन्यू से गायब हो सकता है।
इसका एक मुख्य कारण यह है कि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर रोज़ाना किचन के काम के लिए कमर्शियल LPG पर बहुत ज़्यादा निर्भर है, क्योंकि ज्यादातर रेस्टोरेंट के पास PNG कनेक्टिविटी या बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक कुकिंग सिस्टम जैसे विकल्प नहीं हैं। इससे न केवल मेट्रो शहरों में बल्कि पुणे, भोपाल और पुडुचेरी जैसे इलाकों में भी खाने की जगहों के काम पर असर पड़ा है।
भारत में क्यों आया एलपीजी संकट?
इस संकट के पीछे एक कड़वी सच्चाई है। भारत अपनी घरेलू एलपीजी जरूरत का 60% से ज़्यादा इम्पोर्ट करता है और इनमें से करीब 85-90% इम्पोर्ट होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है, जिससे सप्लाई कमजोर हो जाती है। भारत हर साल करीब 31 मिलियन टन LPG इस्तेमाल करता है। इसमें से 87% घरेलू सेक्टर में घरों के लिए इस्तेमाल होता है, जबकि बाकी हिस्सा होटलों और रेस्टोरेंट में जाता है।
केंद्र सरकार ने लोगों से न घबराने की अपील की
बढ़ती अनिश्चितता के बावजूद, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि भारत में ईंधन की किसी भी तरह की कोई कमी नहीं है। संभावित सप्लाई बाधाओं को लेकर चिंताओं को दूर करते हुए गोयल ने मीडिया को बताया कि सरकार मौजूदा हालात पर पैनी नजर बनाए हुए है और देश भर में ईंधन की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है। तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में बोलते हुए, पीयूष गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि अधिकारी सतर्क हैं और घरेलू सप्लाई चैन को सुरक्षित रखने के लिए संबंधित विभाग लगातार वैश्विक घटनाक्रमों की समीक्षा कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा- ईंधन की बिल्कुल भी कोई कमी नहीं है। विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। एक गंभीर युद्ध चल रहा है... इस स्थिति में जो भी चिंताएं होंगी, संबंधित विभागों द्वारा समय-समय पर सभी को अवगत कराया जाएगा। वे स्थिति की बहुत बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।
गोयल के अलावा, केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने भी देश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कमी से परेशान होटल और रेस्टोरेंट संचालकों व आम लोगों से न घबराने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक सप्लाई चेन बाधित हुई है, लेकिन केंद्र सरकार इस समस्या के समाधान के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।


