Top
Begin typing your search above and press return to search.

ईरान ने खारिज किया अमेरिका का प्रस्ताव, तेहरान के जवाब से भड़के ट्रंप; तेल कीमतों में हुआ इजाफा

अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की कोशिशों को झटका लगा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के जवाब किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। ईरान ने युद्ध खत्म करने, प्रतिबंध हटाने और होर्मुज स्ट्रेट में अपनी संप्रभुता की मांग रखी है। बातचीत फेल होने के बाद तेल कीमतों में भी उछाल आया है।

ईरान ने खारिज किया अमेरिका का प्रस्ताव, तेहरान के जवाब से भड़के ट्रंप; तेल कीमतों में हुआ इजाफा
X

वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। ईरान ने रविवार को अमेरिका के 14 पॉइंट वाले प्रस्ताव का जवाब दिया, जिसे अमेरिका ने 6 मई को भेजा था। ईरान के सरकारी टीवी के मुताबिक, तेहरान ने अपने जवाब में कहा है कि युद्ध हर मोर्चे पर खत्म होना चाहिए। ईरान ने खास तौर पर लेबनान की स्थिति और होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही का मुद्दा उठाया। ईरान का कहना है कि अमेरिका की मांगें जरूरत से ज्यादा हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की तरफ से आए जवाब को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं आया, इसे किसी तरह से माना नहीं जा सकता। दोनों देशों के बीच कोई सहमति नहीं बनने के बाद रविवार को कच्चे तेल की कीमत करीब 3 डॉलर प्रति बैरल बढ़ गई। करीब 10 हफ्तों से जारी इस संघर्ष ने ईरान और लेबनान में भारी नुकसान पहुंचाया है। वहीं होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसका असर दुनियाभर के तेल बाजार पर पड़ा है, तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।

ईरान ने नुकसान का मुआवजा मांगा

ईरान ने अपने प्रस्ताव में युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा भी मांगा है। इसके साथ ही उसने होर्मुज स्ट्रेट पर अपने अधिकार की बात दोहराई है। ईरान ने अमेरिका से कहा है कि वह अपनी नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करे, आगे कोई हमला न करने की गारंटी दे, ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटाए और ईरानी तेल की बिक्री पर लगी रोक खत्म करे। यह जानकारी ईरान की समाचार एजेंसी तस्नीम ने दी।

दूसरी तरफ अमेरिका चाहता था कि पहले लड़ाई पूरी तरह बंद हो और उसके बाद परमाणु कार्यक्रम जैसे बड़े मुद्दों पर बातचीत शुरू की जाए। अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि ईरान ने अपने संवर्धित यूरेनियम के कुछ हिस्से को कम करने और बाकी हिस्से को किसी तीसरे देश भेजने का प्रस्ताव दिया है।

कतर का जहाज होर्मुज से PAK पहुंचा

इसी बीच कतर एनर्जी का LNG जहाज अल खरैतियात सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार करके पाकिस्तान के पोर्ट कासिम पहुंच गया। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद यह पहला कतर का गैस जहाज था, जिसने इस रास्ते से यात्रा की। सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने पाकिस्तान और कतर के साथ भरोसा बढ़ाने के लिए इस जहाज को गुजरने की अनुमति दी। इसके अलावा पनामा का एक मालवाहक जहाज भी ईरान की सेना द्वारा तय रास्ते से सुरक्षित निकल गया।

इस पूरे मामले में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। एक पाकिस्तानी अधिकारी ने बताया कि ईरान का जवाब अमेरिका तक पहुंचाने का काम पाकिस्तान ने किया। अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल को सीजफायर लागू हुआ था। हालांकि इलाके में तनाव अभी भी बना हुआ है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it