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भारत की कूटनीति बहुत अच्छी, युद्ध के बीच ईरान ने फिर की तारीफ; विदेश नीति से गदगद

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से बात की थी। उन्होंने जानकारी दी, 'ईरान के विदेश मंत्री अराघची का फोन आया। मौजूदा स्थिति पर चर्चा हुई।' जयशंकर ने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी से भी रविवार को बात की थी।

भारत की कूटनीति बहुत अच्छी, युद्ध के बीच ईरान ने फिर की तारीफ; विदेश नीति से गदगद
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नई दिल्ली। ईरान ने भारत की कूटनीति की तारीफ की है। सुप्रीम लीडर के भारत में प्रतिनिधि अब्दुल माजिद हकीम इलाही का कहना है कि भारत बड़ी भूमिका निभा सकता है। खास बात है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान को अल्टीमेटम दे दिया है। वहीं, इसके बाद ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध और तेज होने के आसार हैं। हालांकि, ट्रंप का दावा है कि सोमवार को डील हो सकती है।

इलाही ने कहा है, 'भारतीय कूटनीति बहुत अच्छी है और वे इस मुद्दे में अधिक बड़ी भूमिका भी निभा सकते हैं।' उनका बयान ऐसे समय पर आया है, जब अमेरिका और ईरान को युद्ध के बीच 1 महीने से ज्यादा समय हो गया है।

विदेश नीति की भी हुई थी तारीफ

कुछ दिनों पहले ही भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने कहा, 'भारत निश्चित रूप से तनाव कम करने में एक प्रभावी और सकारात्मक भूमिका निभा सकता है। ग्लोबल साउथ के एक प्रमुख देश के रूप में और अपनी संतुलित विदेश नीति के कारण, भारत तनाव कम करने और बातचीत को बढ़ावा देने में मदद करने के लिए एक विशेष स्थान रखता है।'उन्होंने कहा, 'भारत के सभी पक्षों के साथ ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंध हैं, जो इसे गलतफहमियों को कम करने और राजनयिक रास्तों को मजबूत करने में एक भरोसेमंद खिलाड़ी के रूप में कार्य करने में सक्षम बनाते हैं।'

जयशंकर को मिलाया ईरानी विदेश मंत्री ने फोन

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से बात की थी। उन्होंने जानकारी दी, 'ईरान के विदेश मंत्री अराघची का फोन आया। मौजूदा स्थिति पर चर्चा हुई।'जयशंकर ने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी से भी रविवार को बात की थी। खबर है कि दोनों के बीच बातचीत में पश्चिम एशिया की स्थिति और एनर्जी सप्लाई का मुद्द उठा था। विदेश मंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से भी फोन पर बातचीत की।

ट्रंप की धमकी

ट्रंप ने रविवार को ईरान को सात अप्रैल तक का समय देकर कहा है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नहीं खोला तो वह अब ईरान के बिजली घरों और पुलों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा। उन्होंने सात अप्रैल 'मंगलवार' को 'पावर प्लांट डे' और 'ब्रिज डे' घोषित कर दिया है। उन्होंने पोस्ट किया है, ईरान में मंगलवार 'पावर प्लांट डे' और 'ब्रिज डे' होगा, सब कुछ एक साथ। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ होगा।

समुद्री रास्ता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है, क्योंकि दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल यहीं से गुजरता है। फरवरी 2026 में युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने इस रास्ते पर कड़ा नियंत्रण कर लिया है। इससे दुनिया भर में तेल की आपूर्ति बाधित हुई है और कीमतें काफी ज्यादा बढ़ गयी हैं। ट्रंप का 'इसे खोल दो' कहना इसी वैश्विक संकट को खत्म करने की अंतिम चेतावनी है।


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